CBI संवैधानिक निकाय हैं या गैर संवैधानिक जानिए- Legal General Knowledge

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की स्थापना 1963 में गृह मंत्रालय के एक संकल्प द्वारा की गई थी बाद में इसे कार्मिक मंत्रालय को स्थानांतरित कर दिया गया और उसकी स्थिति वहाँ एक सम्बद्ध कार्यालय के रूप में रही। इसके बाद स्पेशल पुलिस एस्टैल्बिशमेंट का भी सीबीआई में विलय कर दिया गया। 

सीबीआई की स्थापना की अनुशंसा भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए गठित संस्था आयोग ने की थी। सीबीआई एक गैर संवैधानिक निकाय है अर्थात यह कोई वैधानिक संस्था नहीं है, इसे जो शक्तिया मिलती है वह दिल्ली विशेष पुलिस अधिष्ठान अधिनियम, 1946 द्वारा मिलती है। अतः सीबीआई केन्द्र सरकार की मुख्य अन्वेषण एजेंसी हैं।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के कार्य:-

सीबीआई भारत सरकार की एक अन्वेषण एजेंसी हैं जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध तथा पारंपरिक अपराधो के अनुसंधान के मामले हाथ में लेती है। केंद्र सरकार, केंद्रशासित प्रदेशों तथा उनके लोक उद्यमों के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के अन्वेषण तक अपने को सीमित रखती हैं। 

राज्य सरकार द्वारा संदर्भित होने पर यह हत्या, अपहरण, व्यपहारण, बलात्कार आदि जैसे गंभीर अपराध को अपने हाथ में लेती है, अगर ऐसे मामले हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के निर्देश प्राप्त होने पर भी हाथ में लेती है।

सीबीआई भारत में "इंटरपोल के, नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) के रूप में भी कार्य करती है।

भारत की संवैधानिक निकाय (वैधानिक संस्था) निम्न हैं:-
• निर्वाचन आयोग (EC)।
• संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)।
• राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC)।
• वित आयोग (FC)।
• अनुसूचित जाति राष्ट्रीय आयोग।
• अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग।
• भाषायी अल्पसंख्यक वर्गों के लिए विशेष अधिकारी।
• भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Auditor General of India)।
• भारत के महान्यायवादी (अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया)।
• राज्य का महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल ऑफ द स्टेट)।
Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665

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