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क्या कोर्ट समन के पहले गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकता है - LEARN CrPC SECTION 87

वारण्ट कब जारी किया जाता है जानिए

किसी आरोपी को न्यायालय के समक्ष हाजिर करने के लिए न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा समन जारी कर आदेश दिया जाता है। समन के माध्यम से न्यायालय में हाजिर करवाने का प्रयास किया जाता है परंतु यदि व्यक्ति समन से बच रहा है, और समन मिलने के पश्चात भी न्यायालय के समक्ष हाजिर नहीं होता है, तब ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करना पड़ता है।
सवाल यह है कि क्या न्यायालय समन के पहले वारण्ट जारी कर सकता है जानिए?

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 87 की परिभाषा (सरल एवं स्पष्ट शब्दों में)

न्यायालय किसी भी ऐसे मामलों में जिसमें वह व्यक्ति को हाजिर करने के लिए समन जारी करने के बाद या पहले निम्न कारण को देखते हुए व्यक्ति का गिरफ्तारी वारण्ट जारी कर सकता है:-
1. यही आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए समन भेजा गया है और न्यायालय को लगता है कि ऐसी सूचना पा कर आरोपी फरार हो सकता है तब उसे समन के अतिरिक्त न्यायालय वारण्ट जारी कर सकता है।

2. व्यक्ति को समन प्राप्त हो गया हो और वह जानबूझकर कर न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हो रहा है तब न्यायालय ऐसे व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए समन के स्थान पर वारण्ट जारी करेगा। लेकिन अगर समन प्राप्त व्यक्ति बीमार हो गया हो, दुर्घटना हो गई हो, या अचानक कोई परेशानी आ गई है तब इस कि जानकारी वह न्यायालय को भेज देता है तब न्यायालय गिरफ्तारी वारण्ट जारी नहीं करेगा। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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