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चुनाव प्रचार के समय प्रत्याशी के चरित्र पर लांछन लगाना, राजनीति है या क्राइम पढ़िए IPC SECTION 499

अपकृत विधि एवं दण्ड संहिता की धारा 499 के अनुसार किसी व्यक्ति के कथन या बोलने से या कथन के प्रकाशन से किसी विवेकशील व्यक्ति इज्जत गिर जाए, जिसके कारण लोग उनसे घृणा करने लगे,या उसके व्यापार, कारोबार, प्रतिष्ठा में कमी आती है हो वह धारा 499 के अंतर्गत दण्ड मांग या सिविल न्यायालय में अपकृत विधि के द्वारा क्षति पूर्ति  की मांग कर सकता है। लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान अगर अभ्यर्थी पर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा या अन्य प्रकार का गलत या झूठा लांछन लगता है तो यह अपराध मानहानि का अपराध नहीं होगा उसके लिए भारतीय दण्ड संहिता में एक अलग धारा के अंतर्गत अपराध होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 171 (छ) की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति चुनाव प्रचार प्रसार के समय किसी अभ्यर्थी पर कोई झूठा कथन करेगा, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर गलत टिप्पणी करेगा,उस पर किसी भी प्रकार से मिथ्या(झूठा)या गलत लांछन या आरोप लगाएगा जिससे उसे चुनाव परिणाम में हानि होने की संभावना हो या हो जाती है। तब ऐसा कृत्य करने वाला व्यक्ति धारा 171 छ के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 171 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है, यह असंज्ञेय एवं जमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को होता है। सजा - इस अपराध के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा किसी भी प्रकार का जुर्माना लगाया जा सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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