Loading...    
   


पानी के अंदर हाथ पैरों की त्वचा गल क्यों जाती है, पेट पीठ की क्यों नहीं - GK IN HINDI

यदि आप काफी देर तक पानी में रहते हैं तो आपके हाथ और पैरों की त्वचा में विशेष प्रकार की धारियां और आकृति बनने लगती है। सामान्य बातचीत की भाषा में हम कहते हैं कि हमारे हाथ पैर गलने लगे हैं। सवाल यही है कि ज्यादा देर तक पानी में रहने के कारण हमारे हाथ पैरों की त्वचा क्यों गल जाती है।

पानी में हाथ पैरों की उंगलियां गलती नहीं है, आकार बदलती है

बलिया उत्तर प्रदेश के रहने वाले दीपक राजभर (Hindi geography education, JNCU में BA 2021 में स्नातक) बताते हैं कि जैसे ही पर्यावरण में परिवर्तन होता है हमारा शरीर उस अनुसार खुद को ढ़ालने लगता है ताकि हम अच्छे से सर्वाइव कर सकें। यह एक प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया (Reflex action) है जो कि नर्वस सिस्टम के कारण होता है। पानी में उंगलियां इसलिए सिकुड़ जाती है क्योंकि इससे पानी के अंदर किसी भी चीज को पकड़ने में आसानी होती है। किसी भी चीज पर हमारी ग्रिप अच्छी बनती है। इसी प्रकार पैरों की त्वचा कुछ ऐसा आकार ले लेती है कि पानी के अंदर आपको चलने या फिर तैराकी करने में आसानी हो।

जीव विज्ञान की भाषा में  यह परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया द्वारा होता है

जीव विज्ञान के अनुसार हमारे हाथ - पैरों  की त्वचा सबसे ज्यादा संवेदनशील (Sensitive) होती है क्योंकि यहां पर तंत्रिका कोशिकाएं (Nerve cells , neurones ) या आम बोलचाल की भाषा में बोलें तो नसें आकर समाप्त होती हैं। हमारे हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों की त्वचा पर सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार का आवरण या बाल नहीं पाए जाते हैं, इस कारण यह और भी ज्यादा संवेदनशील होते हैं और अपनी सुरक्षा के लिए तथा बाहरी वातावरण में अपने आप को एडजेस्ट करने के लिए अपने आप को मॉडिफाई कर लेते हैं। जीव विज्ञान की भाषा में  यह परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया द्वारा होता है।

पानी में हाथों की उंगलियां सिकुड़ने से कार्यक्षमता 12% बढ़ जाती है

इस विषय पर कई शोध भी हो चुके हैं जिससे यह बात साबित हो गई है कि पानी में बहती हुई या डुबी हुई वस्‍तुओं को हम सूखी उंगलियों की तुलना में सिकुड़न वाली उंगलियों से 12 प्रतिशत तेजी से पकड़ सकते हैं। यानी गीली उंगलियों से हम ज्यादा अच्छे तरीके से गीले वस्तुओं को उठा सकते हैं। पानी में ज्यादा समय तक रहने से दिमाग से सिंग्नल मिलता है तभी ऐसा होता है। हमारी त्वचा के अंदर मौजूद नसें सिकुड़ने लगती हैं जिसे रक्त का संचालन सही तरीके से नहीं हो पाता है और फलस्वरूप उंगलियां सिकुड़ने लगती हैं। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

सामान्य ज्ञानः कुछ मजेदार जानकारियां

(general knowledge questions answers, gk questions in hindi, general knowledge quiz, gk questions for kids, samanya gyan, general knowledge in hindi,)


भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here