कैलिफोर्निया, 6 मार्च 2026: एंड्रॉयड स्मार्टफोन की बैटरी को नुकसान पहुंचाने वाली मोबाइल एप्लीकेशंस पर गूगल ने हमला बोल दिया है। यह न्यूज़ एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए गुड न्यूज़ है और डेवलपर्स के लिए चिंता की बात है, क्योंकि अब सभी मोबाइल एप्लीकेशंस को फिर से रिव्यू करना पड़ेगा। जो मोबाइल एप्लीकेशंस ज्यादा बैटरी खाती है उसको फिर से डेवलप करना पड़ेगा। गूगल का हमला 1 मार्च 2026 से शुरू हो गया है, अब नहीं रुकने वाला।
Google Cracks Down on Mobile Apps That Drain Smartphone Battery
गूगल प्ले स्टोर ने अब उन ऐप्स की लिस्टिंग पर एक स्पष्ट चेतावनी (Warning) दिखाना शुरू कर दिया है, जिनकी बैकग्राउंड एक्टिविटी बहुत अधिक है। इस चेतावनी में लिखा होता है: "यह ऐप उच्च बैकग्राउंड गतिविधि के कारण उम्मीद से अधिक बैटरी का उपयोग कर सकता है"। यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है जहाँ यूजर्स अक्सर कुछ ऐप्स इंस्टॉल करने के बाद अचानक बैटरी खत्म होने की समस्या का सामना करते थे।
पार्शियल वेक लॉक्स क्या हैं?
तकनीकी रूप से, यह समस्या 'पार्शियल वेक लॉक्स' से जुड़ी है। यह PowerManager API का एक हिस्सा है जो डेवलपर्स को स्क्रीन बंद होने के बाद भी CPU को चालू रखने की अनुमति देता है। हालांकि, इन वेक लॉक्स का अत्यधिक उपयोग डिवाइस को 'लो पावर स्टेट' में जाने से रोकता है, जिससे बैटरी तेजी से ड्रेन होती है।
गूगल के नए मानक और 'एंड्रॉइड व्हाइटल्स'
गूगल के अनुसार, किसी ऐप के वेक लॉक को तब "अत्यधिक" (Excessive) माना जाता है जब 24 घंटे की अवधि के दौरान सभी पार्शियल वेक लॉक्स का कुल समय 2 घंटे से अधिक हो जाता है। यह ट्रैकिंग तब की जाती है जब ऐप बैकग्राउंड में हो या कोई फोरग्राउंड सर्विस चला रहा हो।
अगर पिछले 28 दिनों में 5% से अधिक सेशन्स में यह समस्या पाई जाती है, तो ऐप की प्ले स्टोर पर दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है और उसे 'डिस्कवरी' या 'रिकमेंडेशन' से बाहर किया जा सकता है।
किन ऐप्स को मिलेगी छूट?
रिपोर्टों के अनुसार, गूगल ने उन परिदृश्यों में छूट (Exemptions) दी है जहाँ वेक लॉक यूजर के लिए स्पष्ट रूप से फायदेमंद है। उदाहरण के लिए:
म्यूजिक प्लेबैक: गाना सुनते समय डिवाइस को सक्रिय रखना जरूरी है।
लोकेशन एक्सेस और डेटा ट्रांसफर: यूजर द्वारा शुरू किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए वेक लॉक की अनुमति है।
डेवलपर्स के लिए सुझाव: विशेषज्ञों का कहना है कि डेवलपर्स को वेक लॉक्स के बजाय अन्य वैकल्पिक API का चयन करना चाहिए। गूगल की गाइडलाइंस स्पष्ट करती हैं कि यदि वेक लॉक का उपयोग करना अनिवार्य है, तो उसे काम पूरा होते ही जल्द से जल्द रिलीज (Release) कर देना चाहिए। डेवलपर्स अपने ऐप की स्थिति को Play Console में 'Android Vitals' डैशबोर्ड के जरिए ट्रैक कर सकते हैं।
स्मार्टफोन की दुनिया में बैटरी लाइफ हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है, और गूगल का यह नया अपडेट यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

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