गुना। उज्जैन की ओर जा रही बीना-नागदा पैसेंजर का इंजन लगातार 3 बार चलती ट्रेन को छोड़कर आगे भाग गया। घबराए यात्री ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुना के चाचौड़ा बीनागंज रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर पहले ग्राम बिजलीपुरा पर बीना-नागदा ट्रेन के इंजन ने अनकपलिंग होकर ट्रेन के डब्बे छोड़ दिए थे। उज्जैन तक के सफर में ऐसा तीन बार हुआ था। हर बार इंजन पूरी ट्रेन को छोड़कर आगे भाग जाता, फिर वापस आकर ट्रेन से कपलिंग की जाती। थोड़ी देर बाद फिर भाग गया। ट्रेन में मौजूद लोको-पायलेट और गार्ड की सूझबूझ से ट्रेन के इंजन को रोका गया। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। इस दौरान ट्रेन एक घंटे की देरी से उज्जैन पहुंची थी।
उज्जैन में बदला गया इंजन
स्टेशन मास्टर आरएन प्रजापति ने बताया कि इस तरह की घटना पहले कभी इस रूट पर नहीं हुई। ऐसा पहली बार हुआ है। हमें बीना-नागदा ट्रेन के इंजन के अनकपलिंग होने की सूचना मिली थी, जिसे ट्रेन में मौजूद लोको पायलट एवं अन्य स्टाफ की मदद से दुरुस्त कर लिया गया था। उक्त घटना में कोई क्षति नहीं हुई है। उज्जैन में इंजन बदलकर ट्रेन के लिए आगे के लिए रवाना किया गया।
ड्राइवर ने कहा-घबराने की बात नहीं
यात्री अमित चौरसिया ने बताया कि, मैं बीना से ही इस ट्रेन में बैठा हूं। काम के सिलसिले में मैं अक्सर इसी ट्रेन से आना-जाना करता हूं। लेकिन, पहली बार उज्जैन जाते समय अचानक ट्रेन का इंजन 3 बार निकल गया। यात्रियों ने घबरा कर गार्ड और ड्राइवर से इस संबंध में पूछताछ की। ड्राइवर ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है कपलर खराब हो गया है, जिसे उज्जैन पहुंच कर इंजन बदल दिया गया।
महाकाल के आशीर्वाद से टल गया हादसा
अशोकनगर से उज्जैन के लिए यात्रा कर रहे गोलू लोधी ने बताया कि, नागदा-बीना पैसेंजर का इंजन अशोकनगर से उज्जैन तक 3 बार निकल चुका था। घने जंगल में बार-बार ट्रेन रुक रही थी। यात्री काफी डरे हुए थे, लेकिन महाकाल के आशीर्वाद से कोई हादसा नहीं हुआ और सभी सही-सलामत पहुंच गए।
