भोपाल, 1 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई सीलिंग की कार्रवाई के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके भोपाल के 60000 से अधिक व्यापारियों के परिवारों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज बड़ा कदम उठाया। 2005 से लगातार पेंडिंग चल रहे भोपाल मास्टर प्लान को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंजूरी देने का मन बना लिया है। संकेत मिले हैं कि ड्राफ्ट रेडी किया जा रहा है।
भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट
भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के बीच मास्टर प्लान को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। करीब 21 साल से अटके भोपाल के नए मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट सितंबर में जारी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रस्तावित मास्टर प्लान में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट नियम तय किए जाने की तैयारी है। 2005 के बाद से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका है, जबकि इसे कई बार तैयार किया जा चुका है। वहीं सीलिंग कार्रवाई का विरोध कर रहे व्यापारी लंबे समय से नए मास्टर प्लान की मांग कर रहे हैं।
इधर, रोशनपुरा में प्रदर्शन के बीच नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई जारी रही। सुबह 9 बजे से कोहेफिजा में चाय लीला कैफे समेत होटल, बुक शॉप और बैकरी पर कार्रवाई की गई। कुछ संचालकों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। वहीं करोंद में भी कई व्यापारी कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई के कारण व्यापारी सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द सीलिंग की कार्रवाई बंद की जाए और मास्टर प्लान लागू किया जाए।

