भोपाल, 27 अगस्त, 2026: मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में क्या गतिविधियां चल रही है। किन समस्याओं का समाधान विभागीय स्तर पर नहीं हो पा रहा है और अब तक की प्रगति की क्या स्थिति है। सब कुछ जानने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का कार्य निरंतर किया जाए। इसके लिए अभियान संचालित कर कार्यों को पूरा किया जाए। शालाओं में नवीन निर्माण कार्यों की पूर्णता को प्राथमिकता दी जाए।
तकनीक के अधिकतम उपयोग से प्रबंधन को बनाएं आसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग विभिन्न तरह के प्रबंधन को आसान बना देता है। सभी जिले इस दिशा में सक्रियतापूर्वक कार्य किया जाना सुनिश्चित करें। आवश्यकता के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी जैसे सिपरी सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर क्षेत्र के पेयजल स्रोतों और जल स्तर की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। ऐसी जानकारियां विभिन्न कार्यों को जल्दी पूरा करने में उपयोगी सिद्ध होती हैं।
ई- अटेंडेंस व्यवस्था से मिले बेहतर परिणाम
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के अच्छे परिणाम मिले हैं। "हमारे शिक्षक" ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन एआई संचालित व्यवस्था का अन्य राज्यों द्वारा भी अध्ययन किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिये ई-अटेंडेंस अनिवार्य करने के बाद ई-अटेंडेंस 95 प्रतिशत तक हो गई है। न्यूनतम शिक्षण अवधि के अनुसार पठन-पाठन सुनिश्चित करने के कार्य में सफलता मिली है। मध्यप्रदेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम का बेहतर क्रियान्वयन कर रहा है। स्वच्छ और हरित विद्यालय कार्यक्रम में प्रदेश के 2 विद्यालय रतलाम जिले के जावरा के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और भोपाल के शासकीय कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
छात्रवृत्ति का ऑनलाइन भुगतान
विगत 2 वर्ष में समेकित छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन कर लगभग सवा करोड़ छात्र हितग्राही लाभान्वित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए योजना अंतर्गत राशि का भुगतान शिक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थियों के खातों में किया गया है। गत 2 वर्ष में विद्यार्थियों को 696 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है।
जिला स्तर पर कलेक्टर होंगे समन्वयक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विद्यालयवार अधोसंरचनात्मक विकास की विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। विभिन्न विभागों के अंतर्गत उपलब्ध बजट से शाला भवनों में आवश्यक अधोसंरचना, अनुरक्षण एवं संधारण के कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा क्रियाशील शौचालयों की उपलब्धता स्थानीय निकायों के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। इसी तरह उद्योग जगत और निवेशकों का सहयोग भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर समन्वय एवं पर्यवेक्षण करेंगे।
पूर्व छात्र सम्मेलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए पूर्व छात्रों के सम्मेलन भी होना चाहिए। अनेक पूर्व छात्र अपनी पुरानी शिक्षण संस्था के विकास में सहयोगी होते हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि अधोसंरचनात्मक विकास के लिए सीएसआर, डीएमएफ, सांसद, विधायक निधि, स्थानीय संस्थाओं, जनभागीदारी तथा अन्य वैकल्पिक स्रोतों से सहयोग लिया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रिपोर्ट क्रमांक: 4771H//सिद्दीक//अशोक मनवानी

