नवनियुक्त शिक्षकों की जॉइनिंग में डिले: DPI के वादे फेल, कैंडिडेट्स को मेंटल स्ट्रेस

Updesh Awasthee
भोपाल, 26 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग (DPI) के अधीन नवनियुक्त शिक्षकों की जॉइनिंग को लेकर बड़ी अनिश्चितता और डिले (delay) की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा 29 जुलाई को नियुक्ति पत्र (appointment letters) इवेंट के बाद भी लगभग 10,000 शिक्षक आज भी स्कूलों में अपनी जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। कैंडिडेट्स के बीच भारी निराशा और मानसिक तनाव का माहौल है।

म्यूचुअल डिस्ट्रिक्ट चेंज विकल्प से लेट हुई नियुक्ति प्रक्रिया

शिक्षकों का आरोप है कि 29 जुलाई को मुख्यमंत्री जी के द्वारा नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद, आयुक्त (Commissioner) अभिषेक सिंह द्वारा विद्यालय नियुक्ति आदेश देकर 7 दिनों के अंदर स्कूलों में जॉइनिंग की बात कही गई थी, लेकिन 10 अगस्त से पहले ही विभाग द्वारा 'म्यूचुअल डिस्ट्रिक्ट चेंज' (आपसी जिला परिवर्तन) का विकल्प लाकर नियुक्ति प्रक्रिया को लेट कर दिया गया।

इस प्रक्रिया में विभाग ने लगभग 8 से 10 दिनों का समय ले लिया, जबकि इस विकल्प के तहत केवल 197 लोग ही आपसी जिला परिवर्तन के लिए आवेदन कर पाए। विभाग की शर्त के अनुसार इनमें से कितने लोग पात्र (eligible) होंगे, यह भी अभी अनिश्चित है।

कमिश्नर के आश्वासन के बाद भी नहीं आए ऑर्डर्स

जॉइनिंग में हो रही देरी से परेशान होकर 18 अगस्त को कुछ शिक्षक भोपाल गए। वहां उनमें से एक शिक्षक दिनेश बकोरे ने आयुक्त महोदय से मुलाकात की और नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए आवेदन सौंपा। मुलाकात के दौरान आयुक्त महोदय ने बताया कि 17 तारीख तक म्यूचुअल ट्रांसफर का काम चला और अब प्रोसेस आगे बढ़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि 5 से 7 दिनों के भीतर, यानी 24 या 25 तारीख तक नियुक्ति आदेश आ जाएंगे। लेकिन आज 26 अगस्त बीत जाने के बावजूद आदेश आने की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है [1]। परेशान शिक्षकों का कहना है कि आयुक्त महोदय 7 दिनों में जॉइनिंग देने के अपने वादे पर दूसरी बार भी अटल नहीं रह पाए हैं।

नौकरी छूटी, आर्थिक संकट और मेंटल स्ट्रेस से जूझ रहे शिक्षक

इस प्रशासनिक देरी के कारण नवनियुक्त शिक्षक गंभीर संकट में हैं। शिक्षकों का कहना है कि सभी की नौकरियां छूट चुकी हैं। अब जॉइनिंग न होने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट (financial crisis) और मानसिक तनाव (mental stress) से जूझ रहे हैं ।

ट्राइबल डिपार्टमेंट ने मारी बाजी, DPI की लेटलतीफी पर सवाल

एक तरफ जहां DPI की प्रक्रिया अटकी हुई है, वहीं जनजातीय कार्य विभाग (Tribal Department) ने काफी तेजी दिखाई है। ट्राइबल डिपार्टमेंट की प्रक्रिया DPI के बाद शुरू की गई थी, लेकिन उन्होंने 25 अगस्त को ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिए हैं। ट्राइबल विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने DPI की पहले की गई त्वरित प्रक्रिया और अब हो रही देरी पर गंभीर सवालिया निशान (question mark) खड़ा कर दिया है। वर्तमान में जनजातीय विभाग के उम्मीदवारों के जॉइनिंग लेटर्स आ चुके हैं, मगर DPI में अभी तक किसी ने भी जॉइन नहीं किया है।

परीक्षाओं से लेकर रिवाइज्ड रिजल्ट तक का लंबा संघर्ष

शिक्षकों का यह संघर्ष काफी लंबा रहा है। सभी नवनियुक्त शिक्षकों की परीक्षाएं 9 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 13 अक्टूबर 2026 तक चली थीं। इसके बाद एक लंबे इंतजार के बाद 27 फरवरी 2026 को रिजल्ट घोषित किया गया था। मगर इस रिजल्ट पर भी जल्द ही ग्रहण लग गया और विशेष शिक्षकों (special teachers) के कारण मामला कोर्ट चला गया। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इनके सर्टिफिकेट्स अपलोड (upload) करके रिजल्ट को रिवाइज्ड (revise) किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद 14 जुलाई को रिवाइज्ड रिजल्ट जारी हुआ, जिसके बाद 17 जुलाई से नियुक्ति प्रक्रिया दोबारा आगे बढ़ सकी।

कुल पद और आंकड़े
इस पूरी भर्ती में शिक्षकों की कुल संख्या लगभग 13,000 है। इनमें से लगभग 3,200 पद विशेष शिक्षकों (special teachers) के लिए हैं, जबकि करीब 10,000 पद शिक्षकों के हैं, जो वर्तमान में जॉइनिंग के लिए भटक रहे हैं।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!