भोपाल, 11 जून 2026: बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में मान्यता घोटाला का खुलासा हुआ है। पिछले 16 साल से एक कॉलेज, केवल कागजों में ही संचालित हो रहा था। जब शिकायत हुई और उसकी जांच की गई तो पता चला कि कॉलेज के एड्रेस पर कॉलेज ही नहीं है, बाल की खेती होती है। इस मामले में मिलेनियम और बगलामुखी ग्रुप का नाम भी आ रहा है।
श्री राम कॉलेज भोपाल सिर्फ कागजों में चल रहा है
भोपाल की प्रख्यात पत्रकार अंजली राय की एक रिपोर्ट के अनुसार भगवान सिंह राजपूत नाम के सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा मार्च 2026 में शिकायत की गई थी। बताया गया था कि, श्रीराम कालेज के एड्रेस पर कोई बिल्डिंग ही नहीं है। यहां कॉलेज संचालित नहीं होता है। डॉक्यूमेंट में कॉलेज का एड्रेस आराजी (खसरा नंबर 148/149/2/1), ग्राम मुगलिया कोट, विदिशा रोड भोपाल दर्ज है। शिकायत की जांच करने के लिए हमीदिया महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अनिल शिवानी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। दिनांक 25 मार्च 2026 को इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में बताया गया है कि, श्री राम कॉलेज का एड्रेस पर तीन इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई दिए। इसमें से एक भवन पूरी तरह से बंद है। कोई बोर्ड नहीं है और ताला लगा हुआ है। दूसरे भवन पर मिलेनियम ग्रुप का बोर्ड लगा हुआ है और तीसरा अंडर कंस्ट्रक्शन है। श्री राम कॉलेज का कोई नामोनिशान नहीं है। आसपास के लोगों ने भी अपने बयान में बताया कि यहां पर श्री राम कॉलेज नाम की कोई संस्था नहीं है।
लोगों ने इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि यहां पर बगलामुखी समूह द्वारा अपनी शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन किया जाता था लेकिन अब यह जमीन मिलेनियम ग्रुप के कंट्रोल में है। एक और बड़ी बात - राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की वेबसाइट पर इसी परिसर में बगलामुखी कॉलेज आफ एजुकेशन का होना बताया जा रहा है। जबकि ग्राउंड पर ऐसा कोई कॉलेज नहीं है।
श्री राम कॉलेज भोपाल में हर साल 150 प्रवेश होते रहे
विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस महाविद्यालय में हर साल 150 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता रहा है। इसमें 100 सीटों पर बीएड और 50 सीटों पर बीएससी बीएड के लिए लगातार प्रवेश हुए हैं। उनकी परीक्षाएं भी हुईं और डिग्रियां भी बांटी गईं। भगवान सिंह राजपूत ने गुरुवार को इस फर्जीवाड़े की शिकायत लोकायुक्त से की। उन्होंने पिछले 10 वर्षों के निरीक्षण प्रतिवेदनों, संबद्धता आदेशों, मान्यता अभिलेखों और प्रवेश रिकार्ड की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
कुलगुरु ने कहा जांच चल रही है, चाचा अधिकारी ने कहा पूरी हो गई है
इस मामले में एक और गजब की बात सामने आई है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉक्टर सुरेश कुमार जैन का कहना है कि, शिकायत प्राप्त हुई थी, जांच के लिए समिति गठित की है और जांच चल रही है। जबकि जांच समिति के अध्यक्ष डॉ अनिल शिवानी का कहना है कि, जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।

