भोपाल समाचार, 25 जुलाई 2026: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आयुक्त, कोष एवं लेखा, मध्यप्रदेश द्वारा जारी इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अब CPCT (Computer Proficiency Certification Test) को लेकर नियमों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शासन ने यह साफ़ कर दिया है कि 40 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर CPCT परीक्षा से छूट का कोई प्रावधान नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि हिंदी टाइपिंग परीक्षा और CPCT दो अलग-अलग योग्यताएं हैं, इसलिए पुराने नियमों के आधार पर CPCT में छूट नहीं दी जा सकती।
Difference between Hindi Typing and CPCT Exam Exemption for MP Employees
अक्सर यह भ्रम बना रहता था कि 40 साल की उम्र के बाद कई परीक्षाओं से छूट मिल जाती है, लेकिन सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1984 और 1992 के आदेश केवल 'हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा' (Hindi Typing) से छूट के लिए थे, जबकि CPCT एक अनिवार्य अहर्ता (mandatory qualification) है। शासन के संज्ञान में आया है कि कई अधिकारियों ने गलत तरीके से कर्मचारियों को CPCT से छूट देकर उनकी परिवीक्षा अवधि (probation period) समाप्त कर दी थी। अब ऐसे सभी गलत आदेशों को निरस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
MP Government Probation Period Cancelled due to CPCT Requirement
इस नए आदेश का सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिन्हें CPCT के बिना ही रेगुलर (नियमित) कर दिया गया था। आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि CPCT से छूट देकर समाप्त की गई थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। इसका मतलब है कि वे कर्मचारी फिर से परिवीक्षा अवधि (probation) में माने जाएंगे। इसके साथ ही, परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दी गई सभी वेतनवृद्धियां (increments) भी निरस्त कर दी गई हैं।
Assistant Grade-3 Salary Reduction and Recovery Rules in MP 2026
वेतन को लेकर भी कड़े निर्देश जारी हुए हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई सहायक ग्रेड-3 (Assistant Grade-3) का कर्मचारी है, तो उसका मूल वेतन (basic pay) घटाकर उसके पद के न्यूनतम स्तर पर यानी ₹19,500 कर दिया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी से रिकवरी (vassuli) की स्थिति बनती है, तो उसके लिए वित्त विभाग के नियमों का पालन किया जाएगा। सरकार ने इन कर्मचारियों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए एक आखिरी मौका दिया है, जिसके तहत उन्हें 03 माह के भीतर CPCT परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रमाण-पत्र जमा करना होगा।
Strict Action against Officers for Wrongly Exempting CPCT in Madhya Pradesh
शासन ने न केवल कर्मचारियों पर बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा है। सभी कार्यालयों से ऐसे कर्मचारियों की पूरी जानकारी (नाम, पद, नियुक्ति तिथि और आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम) तत्काल मांगी गई है। भविष्य में होने वाली भर्तियों और नियमितीकरण में CPCT सहित सभी अनिवार्य अहर्ताओं का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि इन निर्देशों के पालन में कोई ढिलाई या देरी होती है, तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी।

.webp)