भोपाल, 25 जुलाई 2026: राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के भोपाल जिला अध्यक्ष और उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारी श्री प्रणव खरे के धैर्य और लंबे संघर्ष की अंततः जीत हुई है। विगत 13 वर्षों से अपने वित्तीय अधिकारों और न्याय के लिए लड़ रहे श्री खरे के पक्ष में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिससे उनके रोके गए सेवा स्वत्वों और वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
शोषण और अन्याय का लंबा घटनाक्रम
यह मामला वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, जब श्री प्रणव खरे को लाडकुई कॉलेज, सीहोर में उनके पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। उनकी परिवीक्षा अवधि (probation period) सफलतापूर्वक समाप्त होने के बावजूद, मोतीलाल विज्ञान शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती गीता मोदी द्वारा पिछले 10 वर्षों से उनका वेतन निर्धारण नहीं किया गया और न ही उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर एक कर्मचारी का आर्थिक शोषण था।
गांधीवादी तरीके से विरोध और कानूनी लड़ाई
प्राचार्या की कथित मनमानी और हठधर्मिता के खिलाफ श्री खरे ने कई स्तरों पर प्रयास किए:
न्यायालय की शरण: मामला माननीय उच्च न्यायालय तक पहुँचा, जहाँ न्यायालय ने श्री प्रणव खरे के पक्ष में निर्णय पारित किया। हालांकि, आदेश के बावजूद राहत प्रदान नहीं की गई, जिसके बाद अवमानना प्रकरण (contempt case) भी लाया गया।
जब प्रशासन ने लिखित आश्वासनों का पालन नहीं किया, तो श्री खरे 17 जून 2026 को मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय परिसर में प्राचार्या के कक्ष के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। संगठन ने प्राचार्या श्रीमती गीता मोदी के विरुद्ध गहरा असंतोष व्यक्त किया, जो पिछले 30 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं।
उच्चाधिकारियों का हस्तक्षेप और समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन और आयुक्त प्रबल सिपाहा से मुलाकात की और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उच्चाधिकारियों के कड़े निर्देशों और दबाव के चलते अंततः महाविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा। प्राचार्या को श्री खरे के रोके गए वित्तीय हितलाभों और 13 वर्षों की वार्षिक वेतन वृद्धि की स्वीकृति हेतु आदेश प्रसारित करने के लिए विवश होना पड़ा।
संगठन ने व्यक्त किया आभार
इस विजय पर संगठन के संरक्षक श्री शील प्रताप सिंह पुंडीर, प्रांताध्यक्ष व्यासमुनि चौबे और अन्य पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। संगठन ने अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन के प्रति विशेष आभार प्रकट किया है, जिनके संज्ञान लेने के बाद ही यह न्याय संभव हो सका। संगठन ने कर्मचारियों के हित में पत्रकारिता करने वाले मध्य प्रदेश के लोकप्रिय एवं विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल भोपाल समाचार डॉट कॉम का भी आभार प्रकट किया है। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी, प्रवक्ता।

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