भोपाल का कमाली मंदिर मामला: उदय बिल्डकॉन और सांसद आलोक शर्मा, दोनों पार्टी डाउटफुल

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 25 जुलाई 2026:
क्षेत्रीय सांसद श्री आलोक शर्मा आज अचानक एक्टिव हो गए और उन्होंने कमाली मंदिर मामला उठा दिया। कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को मीटिंग के बहाने बुलाए और मीटिंग में नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंप दिया। इस मामले में अपॉजिट पार्टी का नाम "उदय बिल्डकॉन" बताया गया है परंतु इस नाम में भी झोल है। अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके हिसाब से तो दोनों पार्टी डाउटफुल हैं। देखते हैं आगे इन्वेस्टिगेशन में क्या मिलता है:-

भोपाल में 100 साल पुराने मंदिर को तोड़कर शॉपिंग कंपलेक्स नहीं बनने दिया जाएगा

सांसद आलोक शर्मा ने आज अचानक भोपाल जिला प्रशासन की मीटिंग बुलाई। इसमें कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन भी शामिल हुए। यहां उन्होंने कमाली मंदिर मुद्दा उठा दिया और वहां पर हो रहा निर्माण कार्य, तत्काल रोकने के लिए कहा। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि, आज पुराने भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित प्राचीनतम कमाली मंदिर को तोड़कर किये जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। 100 वर्षों से अधिक पुराना कमाली मंदिर लाखों हिंदुओं की धार्मिक आस्था का विषय है, यहाँ मंदिर परिसर में किए जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण को नहीं होने दिया जाएगा एवं मंदिर को संरक्षित कर और भव्य बनाया जाए इसके लिए समाज के विभिन्न संगठनों के साथ प्रतिबद्ध हूं। 

मामले में दोनों पार्टी डाउटफुल 

सांसद श्री आलोक शर्मा ने इस मामले को एक प्राचीन मंदिर से जोड़कर संवेदनशील जरूर बना दिया है लेकिन इस मामले में दोनों पार्टी डाउटफुल नजर आती हैं। मौके पर RCC कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका है। मतलब यह एक दिन में तो नहीं हुआ होगा। फिर क्या कारण है कि 40% निर्माण कार्य हो जाने के बाद सांसद श्री आलोक शर्मा अचानक एक्टिव हुए। 

uday buildcon bhopal कौन है?

दूसरी पार्टी का नाम "उदय बिल्डकॉन" बताया गया है। सांसद श्री आलोक शर्मा ने अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग पर लगा जो चेतावनी वाला बैनर हटाया उसमें भी "प्रबंधक उदय बिल्डकॉन" लिखा हुआ है। जब हमने सरकारी रिकॉर्ड में ऐसी किसी कंस्ट्रक्शन कंपनी की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया तो हमें पता चला कि उदय बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी तो है लेकिन वह गुजरात में है, भोपाल में नहीं है। 

हमने जानने का प्रयास किया कि क्या उदय बिल्डकॉन के नाम से कोई प्राइवेट बिजनेस फर्म भोपाल में सक्रिय है। फोटोग्राफ्स में जितना कंस्ट्रक्शन दिखाई दे रहा है उसके हिसाब से कंपनी करोड़पति है। लेकिन इस नाम के किसी भी लोकल रजिस्टर्ड बिल्डर के नाम की ना तो कोई वेबसाइट है और ना ही कोई सोशल मीडिया प्रोफाइल है। यहां तक कि, गूगल बिजनेस और इंडियामार्ट जैसी ऑनलाइन बिजनेस डायरेक्टरी में भी Uday Buildcon, Bhopal का नाम नहीं है। 

सवाल तो बनता है कि मामला क्या है, Uday Buildcon कौन है और 40% कंस्ट्रक्शन के बाद अचानक सांसद श्री आलोक शर्मा को इतना गुस्सा क्यों आया? 
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