भोपाल, 3 जून 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार की रात एक ऐसी घटना हुई है जिसके कारण भोपाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति को खतरा उत्पन्न हो सकता है। मुबाशिर खान के 50 से अधिक साथियों ने दो पुलिस अधिकारियों को घेर लिया। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। वर्दी पर हाथ डाला और पकड़े गए मोटर वाहन की चाबी छीनकर भाग गए। यह घटना उनके हौसले बुलंद करने वाली है जबकि भोपाल पुलिस की कमजोर स्थिति को प्रमाणित करती है।
Bhopal Law & Order Alert: Over 50 People Reportedly Confront Police at Nariyal Kheda
मामला नारियल खेड़ा चौराहे का है। मुबाशिर खान नाम के एक व्यक्ति ने बीच चौराहे पर अपनी गाड़ी खड़ी कर दी। चौराहे पर तैनात एसआई उमेश जाट और और सुनील बुदुआ ने मुबाशिर नाम के युवक को बीच चौराहे से गाड़ी साइड हटाने के लिए कहा। इस पर वह पुलिसकर्मियों से उलझ गया। एसआई ने गाड़ी की चाबी निकाली तो युवक ने फोन कर लोगों को बुला लिया। देखते ही देखते 50 से ज्यादा लोग और महिलाएं मौके पर जमा हो गए। भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और आरोपी युवकों व भीड़ ने पुलिस के साथ झूमाझटकी की और जबरन गाड़ी व चाबी छीनकर युवक को वहां से भगा दिया गया।
इस प्रकार मुबाशिर खान ने चौराहे पर गाड़ी खड़ी करके पहले पुलिस को चुनौती दी और फिर पलक झपकते ही 50 से ज्यादा लोगों को बुलाकर इलाके में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
घटना के बाद दोनों एसआई ने आला अफसरों को जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर 3 थानों का बल मौके पर पहुंचा। करीब 70 पुलिसकर्मी गलियों में आरोपियों की तलाश के लिए निकले। देर रात तक इलाके में सर्चिंग चलती रही। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। डीसीपी आयुष गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
रात भर सर्चिंग के बाद भी पुलिस को कुछ नहीं मिला। यह परिणाम इस बात का संकेत देता है कि इलाके में पुलिस की स्थिति कितनी कमजोर है।
यहां उल्लेख करना जरूरी है कि हाल ही में, भोपाल पुलिस को चुनौती देते हुए एक बड़ा प्रदर्शन हो चुका है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा भोपाल की शांति भंग करने और हिंसा फैलाने के बयान दिए थे। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने शांति स्थापित करने में सफलता तो प्राप्त कर ली थी परंतु एक बात और स्पष्ट हो गई थी कि पुलिस, कमजोर स्थिति में है। नारियल खेड़ा की घटना, किसी योजना का प्रयोग भी हो सकती है। इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसी ने यह टेस्ट करने की कोशिश की हो कि, ऐसी स्थिति में एक सिंगल कॉल पर उनके लोग कितनी जल्दी पहुंच सकते हैं और पुलिस इतने शॉर्ट नोटिस पर क्या कोई कार्रवाई कर सकती है।
यदि ऐसा है तो, इस टेस्ट में वह लोग सफल हो गए जबकि पुलिस फेल हो गई है।

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