NEET पेपर लीक के कारण मध्यप्रदेश में छात्रा ने सुसाइड कर लिया, कोचिंग के लिए 15 लाख कर्ज लिया था

Updesh Awasthee
भोपाल, 3 जून 2026:
प्रतियोगी परीक्षाओं के ब्राह्मण अभ्यर्थी कितने तनाव में हैं, मध्यप्रदेश के मऊगंज में एक ब्राह्मण छात्रा ने इसलिए सुसाइड कर लिया क्योंकि NEET पेपर लीक हो गया था और अब दोबारा प्रतिस्पर्धा का सामना करने की स्थिति में नहीं थी। 

MP NEET Tragedy: Student Dies by Suicide Amid Leak Row

छात्रा का नाम आकांक्षा चतुर्वेदी था। 20 मई को नागपुर में फांसी लगा ली। अब उसका सुसाइड नोट सामने आया है। इसमें लिखा है- पहले पेपर में अच्छे मार्क्स आने की उम्मीद थी, लेकिन अब दोबारा अच्छा पेपर होगा, इसकी गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी-पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया।आकांक्षा मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली थी। परिवार का कहना है कि नीट पेपर लीक होने के बाद बेटी निराश हो गई थी।

... इतना कहते ही वह रोने लगी

कृष्ण कुमार कहते हैं- कोई कुछ भी कह ले। हम जानते हैं हमारी बिटिया अब आने से रही। पढ़ाई में होशियार थी। बड़ी उम्मीद थी। इसी वजह से हैसियत न होते हुए भी पढ़ाई के लिए उसे नागपुर भेजा था। परीक्षा देने के बाद फोन किया था। बहुत खुश थी वह। उसके पेपर बहुत अच्छे गए थे, लेकिन जैसे ही पेपर लीक और फिर रद्द होने की खबर आई तो वह टूट गई। उसे लगा कि मेहनत पर पानी फिर गया। इतना कहते ही वह रोने लगी।

15 लाख कर्ज लेकर कोचिंग करा रहे थे 

कृष्ण कुमार के छोटे भाई दद्दी प्रसाद ने बताया, भैया हार्ट पेशंट हैं। तीन बार अटैक आ चुका है। इलाज में लाखों रुपए खर्च हो चुके। इसके बावजूद बेटी की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। आकांक्षा अपने पिता की तकलीफ और परिवार की हालत को करीब से समझती थी। यही वजह थी कि वह परिवार पर और बोझ नहीं बनना चाहती थी। इसी दबाव ने उसे इतना कमजोर कर दिया कि उसने यह कदम उठा लिया।

दद्दी प्रसाद कहते हैं- आकांक्षा बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी। उसकी शिक्षा नागपुर में हुई। वहां उसके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी 20 साल से परिवार सहित कुक का काम करते हैं। उनके दो ही बच्चे थे। आकांक्षा और राज। राज नौवीं में है।

आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी। पिता ने उसकी इच्छा पूरी करने के लिए हरसंभव कोशिश की। NEET की तैयारी और कोचिंग के लिए परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से लोन लिया। रिश्तेदारों से उधार लिया। वे बेटी की पढ़ाई के लिए करीब 15 लाख रुपए तक का कर्ज ले चुके।

परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता में थी

दद्दी प्रसाद कहते हैं- आकांक्षा मेहनती और होनहार थी। NEET परीक्षा देने के बाद खुश थी। उसे भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा, लेकिन पेपर लीक की खबर आने के बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। खाना-पीना कम कर दिया। लोगों से बातचीत भी बंद कर दी। वह अंदर ही अंदर निराशा में डूब चुकी थी। उसे लगने लगा था कि यदि परीक्षा दोबारा हुई तो परिवार उसकी तैयारी और खर्च नहीं उठा पाएगा। यही चिंता धीरे-धीरे उसके मनोबल को तोड़ती चली गई। उम्मीद नहीं थी कि वह कोई ऐसा कदम उठा लेगी।

सीलिंग फैन से लगाया था फंदा

20 मई को उसने अपने कमरे में छत के पंखे से लटक कर फांसी लगा ली। परिवारवालों को तो दोपहर साढ़े तीन बजे खबर मिली। उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन सांसें तो पहले ही टूट चुकी थीं। रात होने की वजह से पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ। 21 मई को पोस्टमॉर्टम के बाद दूसरे दिन 22 मई को उसका शव मउगंज लाया गया। 

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