जबलपुर, 27 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश के नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश, जबलपुर ने एक महत्वपूर्ण रिमाइंडर जारी किया है, जिसके तहत अब नवनियुक्त कर्मचारियों को 70%, 80% और 90% स्टायपेंड के स्थान पर 100% मूल वेतन (Full Basic Pay) स्वीकृत किया जाएगा।
Ending 70% 80% and 90% Stipend Rule in Madhya Pradesh
इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई और कर्मचारी संघों की मांग थी। रिट पिटीशन क्रमांक 12125/2021 (वसीम अकरम व अन्य बनाम म.प्र. शासन) और अन्य संबंधित याचिकाओं में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 6 जनवरी 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है। इससे पहले, 12 दिसंबर 2019, कमलनाथ सरकार के एक आदेश के कारण नए कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही थी।
Official Letter from Registrar District Establishment to Law Department MP
उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (जिला स्थापना) मुकेश रावत द्वारा 26 मार्च 2026 को प्रमुख सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल को एक पत्र (क्रमांक A/1031) भेजा गया है। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 100% मूल वेतन स्वीकृत किए जाने बावत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस 'Official communication' के बाद अब प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे जल्द ही लागू किए जाने की उम्मीद है।
Role of MP Nyayik Karmachari Sangh in Full Salary Demand
इस सफलता में म.प्र. न्यायिक कर्मचारी संघ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संघ के प्रांताध्यक्ष श्री संजय सुरीठिया और प्रांतीय महासचिव श्री नीरज श्रीवास्तव द्वारा 13 जनवरी 2026 को एक मांग-पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस मांग-पत्र में नवनियुक्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें पूर्ण वेतनमान देने का आग्रह किया गया था, जिसे आधार बनाकर उच्च न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।
Impact of MP Government New Pay Scale Policy 2026
यह आदेश न केवल न्यायिक विभाग बल्कि अन्य विभागों के नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए भी एक नजीर (Precedent) साबित होगा। "Full Salary for Newly Appointed Employees in MP" की यह मांग अब धरातल पर पूरी होती दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी, जो कि प्रदेश के विकास में सहायक सिद्ध होगा।

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