Madhya Pradesh के दो IAS अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, हाईकोर्ट की भी नहीं सुनते

Updesh Awasthee
जबलपुर, 13 सितंबर 2026:
हाई कोर्ट आफ मध्य प्रदेश जबलपुर द्वारा मध्य प्रदेश के दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। भोपाल के पुलिस कमिश्नर और सागर के एसपी को आदेश दिया गया है कि दोनों अधिकारियों को कोर्ट के सामने प्रस्तुत करें। यह वारंट इसलिए जारी किया गया है क्योंकि दोनों अधिकारी, हाई कोर्ट की भी नहीं सुनते, आदेश का पालन नहीं करते। 

मामले की पृष्ठभूमि और Court Observations

अदालत के रिकॉर्ड और रजिस्ट्रार (J-I) के 9 दिसंबर 2025 के आदेश से यह स्पष्ट होता है कि अनावेदकों को सितंबर 2025 में ही अवमानना नोटिस की तामीली (Notice Service) कराई जा चुकी थी। इसके पश्चात, कलेक्टर जिला सागर (Collector, District Sagar) ने 3 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को पत्र भेजकर सूचित किया कि तहसीलदार (सागर शहर) को इस मामले की पैरवी हेतु 'संपर्क अधिकारी' (Contact Officer) नियुक्त किया गया है। 

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि दोनों अनावेदक अवमानना याचिका के लंबित होने से भली-भांति अवगत हैं। इसके बावजूद, उन्होंने न तो किसी वकील (Counsel) के माध्यम से अपनी उपस्थिति (Appearance) दर्ज कराई और न ही आदेश के पालन से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश की। अदालत ने राज्य सरकार के प्रशासनिक रवैये पर कड़ा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि अवमानना मामलों में अधिकारियों द्वारा पूर्ण निष्क्रियता (absolute inertia) अपनाई जा रही है। अधिकारी केवल संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का औपचारिकता भरा पत्र भेज देते हैं, किंतु न तो विधिक प्रतिनिधि नियुक्त करते हैं और न ही अनुपालन रिपोर्ट जमा करते हैं। 

Arrest warrants for IAS Vivek Porwal and Sandeep GR

अदालत ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों के इस असंवेदनशील रवैये के कारण पीठ के पास गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा अन्य कोई विकल्प शेष नहीं बचा है। 
अनावेदक क्रमांक 1 (Respondent No. 1): विवेक पोरवाल (IAS Vivek Prowal)के खिलाफ जारी वारंट की तामीली/निष्पादन पुलिस आयुक्त, भोपाल (Commissioner of Police, Bhopal) द्वारा किया जाएगा।
अनावेदक क्रमांक 2 (Respondent No. 2): संदीप जीआर (IAS Sandeep GR) के खिलाफ जारी वारंट का निष्पादन पुलिस अधीक्षक, सागर (Superintendent of Police, Sagar) द्वारा किया जाएगा। 

दोनों पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावेदकों की उपस्थिति 21 सितंबर 2026 को उच्च न्यायालय के समक्ष सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई हेतु 21 सितंबर 2026 की तिथि नियत की गई है। 

Smt Sheela Sen Vs Shri Vivek Prowal and Others

याचिका का नाम: श्रीमती शीला सेन बनाम विवेक पोरवाल एवं अन्य (Smt Sheela Sen Vs Shri Vivek Prowal and Others)।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता (Counsel for Petitioner): सुश्री कविता गुप्ता (Ms. Kavita Gupta) एवं श्री विद्या प्रसाद (Shri Vidya Prasad)।
आदेश की तिथि: 10 सितंबर 2026
Arrest warrants for IAS Vivek Porwal and Sandeep GR: इस आदेश की पीडीएफ फाइल भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल (https://t.me/bhopalsamachar1) पर अपलोड कर दी गई है। तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।

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