Swine Flu Alert: मध्य प्रदेश में H1N1 के 292 मामले, Bhopal में 7 दिनों में 36 नए Cases!

Updesh Awasthee
भोपाल, 12 सितंबर 2026:
मध्य प्रदेश में H1N1 यानी Swine Flu के लगातार बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक कुल 292 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 172 मामले इंदौर के हैं। 

भोपाल में तेजी से बढ़ रहा है Swine Flu

राजधानी भोपाल में स्थिति तेजी से बदल रही है, जहां सिर्फ पिछले 7 दिनों के भीतर 36 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही भोपाल में कुल केसेज का आंकड़ा अब 57 के पार पहुंच गया है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं (pregnant women) को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 

Swine Flu से बचने के लिए क्या करें? 

स्वाइन फ्लू (Influenza A H1N1) अब मौसमी फ्लू का हिस्सा है। भारत में मानसून के दौरान इसके मामले बढ़े हैं, लेकिन ICMR के अनुसार ज़्यादातर मामले हल्के होते हैं और घबराने की ज़रूरत नहीं है। बचाव के सबसे प्रभावी तरीके ये हैं: 
मौसमी इन्फ्लूएंजा वैक्सीन में H1N1 शामिल होता है। यह संक्रमण का खतरा कम करता है और अगर बीमारी हो भी जाए तो गंभीरता घटाता है। खासकर गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, छोटे बच्चे, पुरानी बीमारियों वाले और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेकर लगवानी चाहिए। वैक्सीन फार्मेसियों में उपलब्ध है। 

साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं, खासकर खांसने-छींकने, भीड़ में जाने या खाने से पहले। साबुन न हो तो अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करें।

टिश्यू या रूमाल से ढकें, इस्तेमाल के बाद फेंक दें। टिश्यू न हो तो कोहनी के अंदरूनी हिस्से में खांसें/छींकें। हाथ पर न खांसें।

बिना धुले हाथों से आंख, नाक और मुंह न छुएं। वायरस इसी तरह शरीर में जाता है।
भीड़ और बंद जगहों से बचें: भीड़भाड़ वाली या कम हवा वाली जगहों (मेट्रो, बस, बाजार, अस्पताल का वेटिंग रूम) पर अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनें। कमरे में ताजी हवा आने दें। 

अगर किसी को बुखार, खांसी हो तो करीब न जाएं। खुद बीमार हों तो घर पर रहें, ऑफिस/स्कूल/भीड़ में न जाएं। बुखार बिना दवा के 24 घंटे ठीक होने तक दूसरों से मिलना कम करें।

दरवाज़े के हैंडल, रिमोट, फोन जैसी अक्सर छूने वाली चीज़ें नियमित साफ करें। बर्तन, गिलास आदि शेयर न करें।

लक्षण दिखें तो क्या करें 

बुखार, खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द, कमजोरी जैसे लक्षण हों तो आराम करें, खूब पानी पिएं और पौष्टिक भोजन लें। 5-6 दिन से ज्यादा लक्षण रहें, सांस लेने में तकलीफ हो या हाई-रिस्क ग्रुप में हों तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। एंटीबायोटिक या कोई दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। 

ये साधारण आदतें संक्रमण फैलने से रोकने में बहुत मदद करती हैं। अगर आप हाई-रिस्क ग्रुप में हैं तो वैक्सीन और डॉक्टर की सलाह सबसे अच्छा सुरक्षा कवच है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!