राशिफल जानिए अगले 31 दिन सूर्य की वृषभ संक्रांति का आपके जीवन पर क्या असर पड़ेगा

Updesh Awasthee
धर्म एवं ज्योतिष न्यूज डेस्क, 15 मई 2026
: सौर मंडल के राजा सूर्य देव 15 मई 2026 को मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि  में प्रवेश करेंगे। सनातन धर्म के प्रामाणिक ग्रंथ 'निर्णयसिंधु' में इस खगोलीय घटना को 'विष्णुपद संक्रांति' के रूप में परिभाषित किया गया है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह समय पितृ तर्पण और अक्षय पुण्य अर्जित करने का होता है। वृषभ संक्रांति के इस महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अवसर पर 'फलदीपिका' के सिद्धांतों के आधार पर आपकी राशि के लिए गोचर फल इस प्रकार है:

Rashifal: How Surya’s Vrishabh Sankranti Will Impact Your Life Over the Next 31 Days

ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य का यह गोचर (जिसे वृषभ संक्रांति कहा जाता है) शुक्रवार, 15 मई 2026 को सुबह 06:28 बजे शुरू होगा और 15 जून 2026 को दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा, जब वे मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस प्रकार यह राशिफल 31 दिनों के लिए है। ज्योतिष शास्त्र के प्रकांड ग्रंथ 'फलदीपिका' के अनुसार, सूर्य का राशि परिवर्तन जीवन के विभिन्न पहलुओं (जैसे करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति) पर गहरा प्रभाव डालता है। सूर्य जब शुक्र की राशि वृषभ में गोचर करते हैं, तो 12 राशियों के लिए परिणाम इस प्रकार होते हैं:

इन राशियों के लिए समय 'वरदान' समान

कर्क राशि: एकादश भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए आय के नए द्वार खोलेगा। सरकारी कार्यों और वरिष्ठ अधिकारियों से विशेष लाभ की संभावना है।
सिंह राशि: दशम भाव का सूर्य आपको कार्यक्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और पैतृक संपत्ति से लाभ के योग हैं।
धनु राशि: छठे भाव में सूर्य शत्रुओं पर विजय दिलाएंगे। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है।
मीन राशि: तीसरे भाव में सूर्य आपके साहस और पराक्रम को बढ़ाएंगे। छोटी दूरी की यात्राएं आपके करियर के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। 

मध्यम फलदायी राशियाँ

कन्या: भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन पिता के साथ वैचारिक मतभेद से बचना होगा। धार्मिक यात्राओं के योग हैं।
वृषभ: आपकी अपनी राशि में सूर्य के होने से आत्मविश्वास तो बढ़ेगा, लेकिन स्वभाव में उग्रता और शारीरिक गर्मी (पित्त दोष) बढ़ सकती है। संयम रखें।
मिथुन: खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी, पर स्वास्थ्य का ध्यान रखना अनिवार्य है।

सावधानी बरतने वाली राशियाँ

मेष: वाणी दोष के कारण परिवार में कलह हो सकती है। धन के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें।
तुला: आठवें भाव का सूर्य अचानक बाधाएं उत्पन्न कर सकता है। वाहन चलाते समय और स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न बरतें।
वृश्चिक: वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी में तनाव की स्थिति बन सकती है। धैर्य से काम लेना श्रेयस्कर होगा।
कुंभ: चतुर्थ भाव में सूर्य पारिवारिक सुख में कमी और माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता पैदा कर सकते हैं।
मकर: संतान और शिक्षा को लेकर कुछ मानसिक उथल-पुथल रह सकती है। निवेश के मामलों में जोखिम न लें।

ज्योतिषीय परामर्श: फलदीपिका के अनुसार, सूर्य के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए प्रतिदिन सूर्योदय के समय 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करना और तांबे के पात्र से अर्घ्य देना अत्यंत लाभकारी होता है।

विशेष नोट:
• ​फलदीपिका के अनुसार, सूर्य जब 3, 6, 10 और 11वें भाव में गोचर करते हैं, तो वे विशेष रूप से शुभ फल देते हैं।
• ​उपरोक्त फल आपकी चंद्र राशि (Moon Sign) पर आधारित हैं। व्यक्तिगत कुंडली में ग्रहों की दशा और स्थिति के अनुसार इन परिणामों में भिन्नता हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण सामान्य गोचर पर आधारित है। व्यक्तिगत सटीक फल के लिए अपनी कुंडली की महादशा और अंतर्दशा का विश्लेषण आवश्यक है। गीतांजलि ज्योतिष केंद्र, इंदौर

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