CPI Sir, हमारी बस छोटी-छोटी समस्याएं हैं, सॉल्व करवा दीजिए ना प्लीज - Khula Khat

Updesh Awasthee
माननीय आयुक्त महोदय, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश,
 दुखी मन से कर रहे अतिथि शिक्षक की प्रार्थना सुनने की कृपा करें। हम अतिथि शिक्षकों की बहुत सी समस्याएं हैं उनका समाधान करने की कृपा करें।
1– हमारा मानदेय वर्तमान की महंगाई में बहुत कम है हम लोग 70 से 100 किलोमीटर यहां तक की दूसरे जिले में किराए के कमरे लेकर अतिथि में काम करते है। खाना और किराए में ही मिलने वाला मानदेय खत्म हो जाता है। घर परिवार का पालन पोषण कैसे करें श्रीमान।

2– अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रियाधीन है निवेदन है पहली काउंसलिंग में पुराने अतिथि शिक्षक जो बहुत दूर-दूर कार्यरत हैं, उनको अपने कार्यरत स्थान से बिना मुक्त हुए चॉइस फिलिंग का ऑप्शन उपलब्ध कराया जाए ताकि अगर पास की स्कूल मिले तो वो कुछ नज़दीक आ सकें। जिससे उनका खर्च कम हो सके।
3– GFMS 2.0 में अतिथि शिक्षक अनुभव में कई गलतियां हैं, जैसे कोई अतिथि वर्ग 1 में काम किया है पर अनुभव में वर्ग 3 प्रदर्शित हो रहा है। उसे सुधारने का कोई ऑप्शन नहीं है। अतः अनुभव में सुधार करने का ऑप्शन उपलब्ध कराया जाए।
4– अतिथि शिक्षकों को अभी भी मानदेय समय पर नहीं मिल रहा है। आज 19 मई हो गई परन्तु अप्रैल का मानदेय अभी तक नहीं मिला।
5– अतिथि शिक्षक को हरियाणा में 35 हजार से ज्यादा वेतन मिल रहा है और वर्ष में दो बार वेतन वृद्धि का लाभ मिल रहा। फिर भारत का हृदय कहे जाने वाले प्रदेश के मुखिया जी से निवेदन है हम लोगों के दुखी हृदय पीड़ा समझते हुए हमारी वेतन वृद्धि कम से कम 10–10 हजार प्लस करने की कृपा करें।
6– अतिथि शिक्षक के लिए टीईटी पास अनिवार्य किया जाए।
7– अतिथि शिक्षक का सेवाकाल 62 वर्ष सेवानिवृत की आयु तक निश्चित कर भविष्य सुरक्षित किया जाए।
8– उच्च शिक्षा विभाग की भांति अतिथि शिक्षक म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाए।
9– नियमित शिक्षक की भांति ईएलसीएल की सुविधा दी जाए।

पहले भी भोपाल समाचार के माध्यम से उठाई गई हमारी पीड़ा पर विभाग द्वारा विचार किया गया था। पुनः भोपाल समाचार के माध्यम से निवेदन कर रहा हूं, कृपया हम लोगों की पीड़ा को कम करने की कृपा करें।
umashankar mishra <umasankarm6@gmail.com>

अस्वीकरण: खुला खत एक ओपन प्लेटफॉर्म है। यहाँ मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं, सुझाव देते हैं, और समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी हैं। यदि आपके पास भी कुछ ऐसा है, जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजें। हमारा ई-मेल पता है: editorbhopalsamachar@gmail.com

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