धार भोजशाला सुप्रीम कोर्ट अपडेट, मुस्लिम पक्ष की याचिका दाखिल, कांग्रेस पार्टी का बैकअप

Updesh Awasthee
भोपाल, 22 मई 2026
: मध्य प्रदेश की धार भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के फैसले को नामंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट में उसके खिलाफ अपील दाखिल कर दी है। यदि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को स्थगित कर दिया तो एक बार फिर भोजशाला में हर शुक्रवार को नमाज होने लगेगी लेकिन यदि आदेश को स्थगित नहीं किया तो पूजा होती रहेगी और सुप्रीम कोर्ट का फैसला होने तक नमाज नहीं होगी। 

धार भोजशाला मामले में कांग्रेस पार्टी मुस्लिम पक्ष के साथ

यह याचिका हस्तक्षेपकर्ता (intervener) काज़ी मोइनुद्दीन ने दायर की है। काज़ी मोइनुद्दीन स्वयं को मौलाना कमलुद्दीन का वंशज बताते हैं। भोपाल में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े मुस्लिम नेता और कांग्रेस के विधायक श्री आरिफ मसूद ने पिछले दिनों इसके लिए काफी दौड़ धूप की है। कांग्रेस पार्टी की ओर से उनको फुल बैकअप दिया गया। काज़ी मोइनुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई के उस फ़ैसले को चुनौती दी है, जिसमें धार स्थित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित एक हिंदू मंदिर घोषित किया गया था।

Dhar Bhojshala Supreme Court Update: Muslim Side Files Petition, Congress Extends Support

जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की हाई कोर्ट बेंच ने ASI के 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी गई थी। बेंच ने मुस्लिम समुदाय को निर्देश दिया कि वे मस्जिद के लिए धार ज़िले में कोई दूसरी ज़मीन तलाशें, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने आसपास किसी दूसरे अच्छे स्थान पर मस्जिद के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। 

मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। अब या तो मुस्लिम पक्ष को कमल मौला मस्जिद वापस मिलेगी या फिर कुछ भी नहीं मिलेगा।

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