भोपाल, 19 मई 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के सबसे पावरफुल मुस्लिम नेता एवं भोपाल से विधायक श्री आरिफ मसूद, धार भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष के वकीलों की टीम के साथ दिल्ली पहुंचे। यहां इमरान प्रतापगढ़ी के साथ उनकी लंबी मीटिंग हुई है। यह जानकारी श्री इमरान प्रतापगढ़ी ने स्वयं दी है।
Dhar Bhojshala Case: Bhopal MLA, Muslim Side Lawyers Meet Imran Pratapgarhi in Delhi
श्री इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि, इंदौर से वरिष्ठ वकील अशहर वारसी और उनकी टीम की एडवोकेट पूर्वी असाटी एवं एडवोकेट हाशिम के साथ भोपाल विधायक आरिफ़ मसूद जी, सामी मसूद एवं धार के युवा नेता प्रतिपक्ष करीम कुरैशी के साथ दिल्ली में लम्बी चर्चा हुई। चर्चा के निष्कर्ष स्वरूप श्री इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने बयान में लिखा कि "जब इंसाफ़ एकतरफ़ा होता है तो लड़ाई को आख़िरी मक़ाम तक लड़ा जाता है।"
उल्लेखनीय है की धार बहुत साल मामले में वरिष्ठ वकील अशहर वारसी, एडवोकेट पूर्वी असाटी और हाशिम, मुस्लिम पक्ष की ओर से केस लड़ रहे हैं। हाई कोर्ट आफ मध्य प्रदेश द्वारा धार के भोजशाला परिसर को सरस्वती माता का मंदिर और हिंदू लाइब्रेरी घोषित कर दिया है। जबकि मुस्लिम पक्ष को सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को नमाज अता करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। हालांकि नई मस्जिद बनाने के लिए बहुत साल परिषद से दूर सरकारी जमीन देने की बात जरूर की है। मुस्लिम पक्ष इस बात से संतुष्ट नहीं है।
कांग्रेस के नेता श्री दिग्विजय सिंह प्रयास कर रहे हैं की धार का भोजशाला परिसर, केवल एक पर्यटन केंद्र बनकर रह जाए। शायद उनका मानना है कि, भोजशाला परिसर में मस्जिद को न्यायालय की मान्यता नहीं मिलेगी, इसलिए वह चाहते हैं कि यहां पर मंदिर कि मानता और सरस्वती माता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा भी ना हो पाए। इस संबंध में पिछले दिनों उन्होंने एक बयान भी दिया था।
जबकि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े मुस्लिम नेता और विधायक श्री आरिफ मसूद चाहते हैं कि, अंतिम फैसला आने तक नमाज पढ़ने से नहीं रोका जाना चाहिए।
मुस्लिम पक्ष क्या चाहता है अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद एडवोकेट अशहर वारसी ने साफ कहा है कि "डेफिनेटली हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे"।

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