नई दिल्ली, 19 मई 2026: भारत सरकार की सहानुभूति पूर्ण नीतियों का लाभ उठाकर देश में रह रहे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। यह नया नियम 18 मई, 2026 से लागू हो गया है। यह नियम उन लोगों को एक्सपोज करेगा जो भारत की नागरिकता प्राप्त करने के बाद भी दूसरे देश से संबंध बनाए हुए हैं।
Citizenship Amendment Rules 2026 Announced for Pakistanis, Bangladeshis and Afghans Living in India
नागरिकता नियम, 2009 में किए गए इस संशोधन के तहत, अब आवेदकों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश द्वारा जारी किए गए अपने वैध या समाप्त हो चुके पासपोर्ट के संबंध में एक स्पष्ट घोषणा करनी होगी। अधिसूचना के अनुसार, आवेदकों को निम्नलिखित जानकारी प्रदान करनी होगी:
पासपोर्ट नंबर
जारी करने की तिथि और स्थान
पासपोर्ट की समाप्ति तिथि (Expiry Date)।
15 दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा पासपोर्ट
नए नियमों (संशोधन नियम 2, पैराग्राफ mA) के तहत, आवेदक को यह वचन देना होगा कि नागरिकता आवेदन की मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर वह अपना विदेशी पासपोर्ट संबंधित डाक अधीक्षक (Superintendent of Post) या वरिष्ठ डाक अधीक्षक के पास सरेंडर कर देगा। यह नियम उन सभी पर लागू होगा जिनके पास इन तीन देशों के वैध या पुराने पासपोर्ट मौजूद हैं।
कानूनी पृष्ठभूमि गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद द्वारा जारी इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये नियम नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 18 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए बनाए गए हैं। ज्ञात हो कि मूल नागरिकता नियम 2009 में बनाए गए थे, जिनमें पिछली बार 11 मार्च, 2024 को संशोधन किया गया था।
महत्वपूर्ण बदलाव:
नाम: नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026
लागू होने की तिथि: राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशन की तिथि (18 मई, 2026) से प्रभावी।
लक्ष्य: पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए आवेदकों के पुराने/वैध विदेशी यात्रा दस्तावेजों का उचित निपटान सुनिश्चित करना।
यह कदम सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के बाद व्यक्ति के पास किसी अन्य देश का सक्रिय पासपोर्ट न रहे।

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