भोपाल, 13 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगल-बुध की दरयानी रात पुलिस पर पथराव हो गया। इसमें चार पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस कमिश्नर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करनी पड़ी। इसके तहत किसी भी स्थान पर चार या चार से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते। यह समाचार भोपाल के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वह धारा 163 वाले इलाकों में जाने से पहले सावधान रहें और यदि संभव होता है तो शांति स्थापित होने तक धारा 163 वाले इलाकों में नहीं जाएं।
दरअसल, अपराधी मानसिकता के तत्व 11 मई से ही तैयार हो गए थे। 10 तारीख को कुछ स्वयंभू हिंदूवादी नेताओं ने एक होटल में हिंदू महिला के साथ संबंध बना रहे मुस्लिम हिस्ट्रीशीटर को पकड़ा था। वह हाल ही में जेल से छठ कर आया था और उसके खिलाफ 4 से अधिक मामलों में ट्रायल चल रहा है। वह स्वयं एवं उसकी हिंदू प्रेमिका ने होटल में गलत आधार कार्ड देकर कमरा लिया था। गलत आधार कार्ड एक सिग्नल होता है कि रूम लेने वाला व्यक्ति कोई अपराध करने वाला है। इसलिए हिस्ट्रीशीटर को काबू किया गया और पुलिस के हवाले किया गया। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर का पहले मुंह काला किया गया उसके बाद गोबर भी लगाया गया। कुल मिलाकर हिस्ट्रीशीटर को काबू करने वाले नेताओं ने, नागरिक के निर्धारित कर्तव्य से अधिक, कानून हाथ में लेने का काम किया।
Bhopal Alert: Avoid Hamidia-Imami Zone as Section 163 Imposed After Attack on Police
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो में आरोपियों के चेहरे स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है परंतु मुस्लिम समाज के कुछ लोग मंगलवार की रात अचानक हमीदिया अस्पताल और इमामी गेट क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मौके पर विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील पहुंचे। दोनों विधायकों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई। अपराधी तत्वों ने फायदा उठाया और वह भी भीड़ में शामिल हो गए। मुस्लिम समाज के नेताओं ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इससे पहले मुस्लिम समाज के नेताओं की पुलिस कमिश्नर से मुलाकात भी हो चुकी है। इस प्रकार के प्रदर्शन निश्चित रूप से पुलिस पर प्रेशर क्रिएट करते लेकिन इसी बीच भीड़ में मौजूद अपराधियों ने मोती मस्जिद क्षेत्र में पुलिस पर पथराव कर दिया।
इसके बाद हालत बिगड़ गए। पथराव में चार पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। पुलिस वाहन के कांच टूट गए। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस कमिश्नर को इलाके में धारा 163 लागू करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि शांति स्थापित करने के लिए इस इलाके के कई सक्रिय नेताओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी और इलाके की क्राइम रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।

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