Twisha Sharma destroyed everything, सास गिरिबाला का बरखा दत्त के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 मई 2026:
ट्विशा शर्मा मामले में मंगलवार को कोई खास अपडेट नहीं हुआ लेकिन सोमवार को दोनों परिवारों की ओर से जो बयान बाजी हुई, मंगलवार को सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थन और विरोध में अभियान चला रहा। इस सब के बीच में पत्रकार बरखा दत्त द्वारा ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह से लिया गया इंटरव्यू, सबसे ज्यादा अटेंशन पा रहा है क्योंकि इसमें गिरिबाला सिंह के बयान पर क्रॉस क्वेश्चन किए गए हैं और कुछ ऐसे सवाल भी पूछे गए हैं, जिनके जवाब पब्लिक जानना चाहती है। 

Barkha Dutt vs Giribala Singh Viral Interview, Hindi Highlights, Twisha Sharma Case

हम यहां पर भोपाल उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष, रिजल्ट जज, ट्विशा शर्मा की सास और उसकी संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह और पत्रकार बरखा दत्त के बीच हुई बातचीत (इंटरव्यू) का हिंदी ट्रांसलेशन प्रस्तुत कर रहे हैं। इसी समाचार में confrontational इंटरव्यू भी संलग्न किया गया है जो स्वयं बरखा दत्त ने अपने X हैंडल पर अपलोड किया है। 

बरखा दत्त:
“मैं आपको रोकना चाहती हूं... मिस सिंह, सम्मान के साथ। मैंने आपकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी और आप यहां भी वही आरोप दोहरा रही हैं। एक महिला के रूप में मुझे यह बेहद disturbing लगा कि आप, जो खुद एक महिला हैं और जज रह चुकी हैं, एक मृत महिला का चरित्र हनन कर रही हैं। आपके पास कोई सबूत नहीं है कि उसे ड्रग्स की समस्या थी। उल्टा, आप और आपका परिवार दहेज, abuse, violence और assault के आरोपों में हैं। ट्विशा शर्मा, 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे, मध्य प्रदेश के एक रिटायर्ड जज के परिवार में शादी हुई थी। उनके पति वकील हैं। वह अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिलीं। उनके परिवार ने दहेज, harassment, abuse और assault के गंभीर आरोप लगाए हैं। पति फरार है। सास (आप) आरोपी हैं लेकिन anticipatory bail मिल गई है।” 
1. बेटा समर्थ कहाँ है? क्यों फरार? आप कानून की अधिकारी रह चुकी हैं। अगर बेटा निर्दोष है तो क्यों छिप रहा है? पुलिस ने इनाम क्यों घोषित किया? पासपोर्ट क्यों रोका?
गिरिबाला सिंह: यह सही सवाल है। लेकिन अगर बिना remedies के सरेंडर करें तो liberty खो देंगे। वह पहले पुलिस के साथ था। mob था, पुलिस protect नहीं कर पाती। हम anticipatory bail के लिए गए। मुझे bail मिल गई, बेटे को नहीं। हाई कोर्ट जाएंगे। अगर नहीं मिला तो सरेंडर कर देंगे।

बरखा: आप जानती हैं वह कहाँ है?
गिरिबाला: अभी नहीं पता। वकील बेहतर बता सकते हैं।

बरखा: मां और पूर्व जज के रूप में, क्या आप बेटे से सरेंडर करने की अपील करेंगी?
गिरिबाला: अपील की जरूरत नहीं। वह खुद आएगा, लेकिन safety और remedies चाहिए। witch-hunting हो रही है। Supreme Court भी कहता है bail is rule, not jail. 

आगे बढ़ने से पहले witch-hunting का मतलब समझ लीजिए
यह अंग्रेजी का एक मुहावरा है। समर्थ सिंह के मामले में उनकी मां गिरिबाला सिंह के कहने का मतलब है: बेटा निर्दोष है, लेकिन मीडिया और ट्विशा के परिवार के आरोपों के चलते उसे बिना सुनवाई के फरार घोषित कर दिया गया है। सोशल मीडिया, न्यूज़ चैनल और पब्लिक ओपिनियन उन्हें अनुचित रूप से सता रहे हैं, "witch" (दुष्ट) बता रहे हैं।

गिरिबाला आगे कहती है: ट्विशा को adjustment problems, manic depression और drugs की समस्या थी। काउंसलिंग में पता चला। हमने support किया।
बरखा (इंटरप्ट): मैं फिर रोकना चाहती हूं। प्रिस्क्रिप्शन दवाओं को drugs कहना गलत है। आपके बेटे पर भी drugs addict होने का आरोप है (ट्विषा के पिता ने)। मृत महिला का चरित्र हनन क्यों? कोई सबूत नहीं। WhatsApp चैट्स में उसने अपनी जिंदगी को “living hell” कहा है। 

गिरिबाला: ट्विषा मां नहीं बनना चाहती थी। उसने MTP pills लीं। हमने और डॉक्टर ने मना किया। यह cruelty है – parenthood का अधिकार छीनना।
बरखा: एबॉर्शन कानूनी है। महिला का शरीर, उसका फैसला। क्या आपने या बेटे ने ताना मारा कि बच्चा किसी और का है?
गिरिबाला: हमने support किया लेकिन वह बार-बार मायके चली जाती थी। (प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरिबाला साइन कहा था कि ऐसा हो सकता है कि उनके बेटे ने ऐसा कुछ कहा हो या उन दोनों के बीच में ऐसी कोई बात हुई हो।)

गिरिबाला: FIR में सिर्फ 2 लाख का जिक्र, कोई money trail नहीं। उल्टा हमने उन्हें 7-8 लाख दिए। कोई दहेज नहीं।
बरखा: WhatsApp चैट्स में harassment और दहेज का जिक्र है “Take me home, I am in hell”. 

बरखा: डॉक्टर-पेशेंट गोपनीयता का उल्लंघन क्यों? मेंटल हेल्थ रिपोर्ट पब्लिक क्यों की?
गिरिबाला: आरोपों का जवाब देने के लिए जरूरी था। 

गिरिबाला (भावुक होकर): “She destroyed everything” (उसने सब बर्बाद कर दिया)।
बरखा (समापन): “मैं personally horrified हूं। एक मृत महिला की बात पर भरोसा किया जाना चाहिए। आप जज रह चुकी हैं, फिर भी मृत महिला का चरित्र हनन कर रही हैं।” 

Video of journalist Barkha Dutt's interview with Twisha Sharma's mother-in-law, Giribala

हिंदी में इंटरव्यू पढ़ने के बाद कृपया अब वीडियो प्ले करके इंटरव्यू देखिए। यदि आपको अंग्रेजी समझ में नहीं आती तब भी आपको समझ में आ जाएगा कि दोनों के बीच में क्या बातचीत हो रही है।

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