भोपाल समाचार, 25 अप्रैल 2026: एक तरफ VIT Bhopal Admissions 2026 | VIT Bhopal VITEEE 2026 कैंपेन चल रहा है और दूसरी तरफ खबर आ रही है कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल्स में एक बार फिर बड़ी संख्या में स्टूडेंट बीमार होने लगे हैं। टाइफाइड फैल गया है। 250 से ज्यादा स्टूडेंट्स टाइफाइड से पीड़ित बताए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 13 नए स्टूडेंट्स टाइफाइड पॉजिटिव पाए गए हैं। स्थिति अभी भी नियंत्रण के बाहर है। बता दें कि इसी प्रकार की समस्याओं के चलते 5 महीने पहले नवंबर 2025 में वीआईटी में बवाल हो गया। छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में कई जगह आग लगा दी थी।
VIT Bhopal यूनिवर्सिटी भोपाल में नहीं है
यहां एक बार ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि, VIT के संचालक कौन है यूनिवर्सिटी का नाम बड़ी ही चतुराई के साथ VIT Bhopal रखा है। यह स्टूडेंट्स को भ्रमित करने का एक तरीका है क्योंकि VIT Bhopal, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित नहीं है। यह विश्वविद्यालय भोपाल शहर से लगभग 80 किलोमीटर दूर है और भोपाल से यहां तक पहुंचने में कम से कम डेढ़ घंटे का टाइम लगता है। यह यूनिवर्सिटी भोपाल के पड़ोसी सीहोर जिले के एक गांव में स्थित है। मतलब शहर भी नहीं है। हॉस्टल में रहने वाले बच्चे ना तो शहर के डॉक्टर को दिखा पाते हैं और ना ही शहर के बाजार से अपने लिए पीने का पानी ला पाते हैं। हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं पर ही डिपेंड होना पड़ता है।
VIT UNIVERSITY वाले एक बार फिर मामले को दबा रहे हैं
तीन दिन पहले, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार केके नायर का दावा है कि टाइफाइड की खबरें महज अफवाह हैं और केवल 80 बच्चों को मौसमी वायरल हुआ था, लेकिन टाइफाइड की खबरें लगातार सामने आ रही है। स्टूडेंट और उनके पैरेंट्स की तरफ से भोपाल की मीडिया को मैसेज किया जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर से टाइफाइड की दवाइयां खरीदी गई है। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में टाइफाइड फैल गया है, और इसके सबूत चारों तरफ फैले हुए हैं। चिरायु मेडिकल कॉलेज की पैथोलाजी रिपोर्ट से भी इस बात की पुष्टि होती है। मेडिकल कॉलेज के संचालक डा. अजय गोयनका ने खुद बयान दिया है कि VIT यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट जांच करवाने आए थे और उनमें से कुछ टाइफाइड पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि यह एडमिशन का टाइम है।
यूनिवर्सिटी ने 2025 बैच को छुट्टी पर भेजा
प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर 2025 बैच के विद्यार्थियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है, क्योंकि उनका पहला साल है। वह यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की लापरवाही सहन नहीं कर रहे हैं और अपने पेरेंट्स को सारी बात बता रहे हैं। इधर, एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने बुधवार को यूनिवर्सिटी प्रबंधन से इस विषय पर बात की। उन्होंने यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को चेतावनी दी है कि, स्थिति को नियंत्रण में करें। यदि पिछली बार की तरह हिंसा हुई तो यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को जिम्मेदार माना जाएगा।
VIT UNIVERSITY में एक बार फिर दूषित पेयजल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एक ही संस्थान में इतनी बड़ी संख्या में टाइफाइड के मामले मिलना सीधे तौर पर दूषित पेयजल या दूषित भोजन की ओर इशारा करते हैं। एनएचएम के पूर्व डायरेक्टर डॉ. पंकज शुक्ला का कहना है कि यह सामूहिक संक्रमण का मामला है। आशंका जताई जा रही है कि हॉस्टल की मेस में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पेयजल की टंकियों में स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने से यह संक्रमण फैला है।

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