भोपाल, 3 अप्रैल 2026: कान खोल के सुन लो, भोपाल वाले मौसम दफ्तर से बड़ी भारी खबर आई है। अगले दो-चार दिन अपने मध्य प्रदेश में मौसम ऊधम मचाने वालो है। वैज्ञानिकन ने 7 अप्रैल तक को अनुमान जारी कर दओ है। सावधान रहिओ।
कहाँ-कहाँ आफत आई और पानी गिरा
कल जो पानी गिरा और ओले पड़े, उनकी गिनती सुन लो। सबसे जादा पानी सोडंवा (28 मिमी) और दही (23 मिमी) में गिरा है। इसके अलावा झिरन्या, रामा, बुरहानपुर, थांदला, खचरौद, चिचोली, सेवढ़ा, जोबट, लहार, खरगौन, भैंसदेही, पंधाना, नसरुल्लागंज, मुंगावली, कुरवाई, परासिया, मिहोना, रेहटी, टिमरनी, झाबुआ, रौन, खकनार, बादामलहेरा, मकसूदनगढ़, निवाड़ी, पचोर, रावटी, छतरपुर, खजुराहो, रायसेन, नरसिंहगढ़, आलोट, खरगापुर, नागदा, ग्यारसपुर, आठनेर, राजगढ़, उदयगढ़, कुक्षी, राघौगढ़, गोगावां, भगवानपुरा, आष्टा, जुन्नारदेव, हरदा, बदनावर, मुलताई, घोड़ााडोंगंरी, बैरसिया, नेपानगर, सरदारपुर, आरोन, कुंभराज, भितरवार, खंडवा, ओरछा, बाड़ी, सुल्तानपुर, टीकमगढ़, लटेरी, सिरोंज, विदिशा, गुना, राजनगर, बैतूल, नलखेड़ा, कोलार, खातेगांव, बाग, चाचौड़ा, ताल, जावरा, रतलाम, खुरई, लिधौरा, तराना, घटिया, पठारी, नटेरन, अरेरा हिल्स, गोहद, उमरवन, भोपाल, और जैसीनगर में कछु न कछु पानी तो गिरा ही है।
हवा की रफ़्तार और ओले:
भैया, हवा तो ऐसी चली कि छप्पर उड़ जाएँ! सागर में 74 की रफ़्तार से हवा चली, सीहोर में 67, और भोपाल में 60 की रफ़्तार रही। अशोकनगर, आगर, विदिशा, इंदौर, शिवपुरी, गुना, उज्जैन, बड़वानी, पचमढ़ी, धार, राजगढ़, बैतूल, मंदसौर, और नर्मदापुरम में भी खूब हवा के झोंके आए। और सुनो, धार, राजगढ़, बैतूल, देवास, उज्जैन, अलीराजपुर, और भिंड में तो ऊपर से बर्फ के गोले यानी ओले भी गिरे हैं।
अब आगे का क्या हाल है (मध्य प्रदेश में मौसम का पूर्वानुमान):
3 से 4 अप्रैल के बीच: खंडवा, खरगौन, धार, देवास, मुरैना, और श्योपुरकलां में 50-60 की रफ़्तार से हवा चलेगी और ओले भी गिर सकते हैं। शाजापुर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, और पांढुना में भी ओले गिरने का डर है।
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, बड़वानी, इंदौर, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, और कटनी में बिजली चमकेगी और तेज़ हवा चलेगी।
4 से 5 अप्रैल के बीच: कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, और छतरपुर में ओले गिर सकते हैं। बाकी सब जिलों जैसे ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, भिंड, मुरैना, और सागर संभाग में तेज़ आंधी-पानी का अंदेशा है।
यही हाल 6 और 7 अप्रैल को भी दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, और बालाघाट जैसे इलाकों में बना रहेगा।
काय करने है और काय नहीं करने (सलाह):
- भैया, अपनी कटी हुई फसल को तिरपाल से ढांक के रखो या किसी पक्की जगह रख दो।
- खेतों में पानी मत लगाइयो और न ही दवाई छिड़कियो।
- अपने गाय-बैलन को बाहर मत बाँधियो, उन्हें शेड के नीचे रखियो।
- जब बिजली कड़के, तो पेड़ के नीचे या खंभे के पास बिल्कुल मत खड़े होइयो। घर के अंदर घुस जाइयो और खिड़की-दरवाजे बंद कर लीजो।
- ओले गिरें तो बाहर मत निकलियो, सिर फूट सकत है, और अपनी गाड़ी-घोड़ा को भी ढांक के रखियो।

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