जबलपुर, 27 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court of Madhya Pradesh at Jabalpur) ने पुलिस कर्मियों की पदोन्नति और उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्तियों (Officiating Appointments/Charge to Higher Rank) को लेकर एक ऐतिहासिक आदेश पारित किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह पुलिस विभाग में रुकी हुई इस प्रक्रिया को 30 दिनों (one month) के भीतर पूरा करे।
MP High Court Orders Completion of Police ‘Officiating Appointments’ Within 30 Days
यह मामला याचिकाकर्ताओं, संदीप भारती और अन्य बनाम मध्य प्रदेश राज्य (Sandeep Bharti and Others vs. State of MP), द्वारा दायर WP No. 13393 of 2026 से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा 20 जून 2025 को जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्ति और प्रभार देने की प्रक्रिया को निलंबित (Suspended) कर दिया गया था। राज्य सरकार का तर्क था कि चूंकि अब M.P. Civil Services (Promotion) Rules, 2025 लागू कर दिए गए हैं, इसलिए पुरानी प्रक्रिया को रोक दिया गया है।
Legal Argument and Stay on 2025 Rules
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय के अग्रवाल (Senior Advocate Shri Sanjay K Agrawal) और अधिवक्ता श्री सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने दलील दी कि नए पदोन्नति नियम (Rules, 2025) पहले से ही कोर्ट में चुनौती के अधीन हैं।
इस तथ्य की पुष्टि राज्य के पैनल वकील श्री तीर्थराज पिल्लई (Panel Lawyer Shri Tirthraj Pillai) ने भी की कि हाई कोर्ट ने एक अंतरिम उपाय (Interim Measure) के रूप में इन नियमों पर रोक (Stay) लगा दी है क्योंकि इन्हें 'Ultra Vires' (अधिकार क्षेत्र से बाहर) होने के आधार पर चुनौती दी गई थी।
High Court का महत्वपूर्ण निर्देश
कोर्ट ने संज्ञान लिया कि M.P. Police Regulations का संशोधित अनुच्छेद 72 (Amended Para 72) अभी भी पूरी तरह से प्रभावी (Still in force) है। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने निम्नलिखित आदेश दिए:
पदोन्नति प्रक्रिया जारी रखें: प्रतिवादियों (राज्य सरकार) को निर्देशित किया गया है कि वे याचिकाकर्ताओं को उच्च पद पर Officiating Appointment/Charge देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
नए नियमों का प्रभाव नहीं: यह प्रक्रिया नए M.P. Civil Services (Promotion) Rules, 2025 से प्रभावित हुए बिना पूरी की जाए, क्योंकि उन पर पहले से ही रोक लगी हुई है।
समय सीमा (Deadline): कोर्ट ने इस पूरी कार्यवाही को आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर संपन्न करने का सख्त निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट का यह फैसला उन पुलिस अधिकारियों के लिए एक बड़ी राहत है जो लंबे समय से अपनी पदोन्नति और उच्च प्रभार का इंतजार कर रहे थे। 30 दिनों की समय सीमा सरकार पर इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का दबाव बनाएगी।

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