मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की ऑनलाइन प्रक्रिया, 1 अप्रैल 2026 से लागू

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 1 अप्रैल 2026
: मध्य प्रदेश शासन, वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च 2026 को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवकों की ग्रेच्युटी (उपदान) के ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया से संबंधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इस समाचार में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं, ताकि कोई संशय की स्थिति शेषन रह जाए:- 

ग्रेच्युटी प्रक्रिया की शुरुआत और ऑनलाइन सिस्टम

इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए निम्नलिखित नियम बनाए गए हैं:
ऑनलाइन पेंशन सॉफ्टवेयर: ग्रेच्युटी के सभी मामलों का निराकरण अब "पेंशन सॉफ्टवेयर" के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। जब तक कोई विशेष छूट न दी जाए, ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।

शासकीय सेवक द्वारा की जाने वाली कार्रवाई:

रिटायर होने वाले कर्मचारी को सबसे पहले पेंशन सॉफ्टवेयर में अपनी जानकारी की प्रविष्टियों (entries) की जाँच करनी होगी। इसके लिए परिशिष्ट-1 (Annexure-1) में दी गई जानकारी का सत्यापन (verification) करना होगा।
सुधार के लिए आवेदन: यदि जानकारी में कोई गलती या विसंगति (mismatch) है, तो कर्मचारी ऑनलाइन ही सुधार के लिए ग्रेच्युटी प्रस्तावक अधिकारी (GPO) को आवेदन कर सकता है।
केस जनरेट करना: सभी जानकारियों के सही होने और सत्यापन के बाद, कर्मचारी सॉफ्टवेयर में अपना ग्रेच्युटी केस जनरेट करेगा और उसे ऑनलाइन अपने अधिकारी (GPO) को प्रस्तुत करेगा।
समय सीमा (Deadline): कर्मचारी यह कार्रवाई अपनी सेवानिवृत्ति (retirement) से 3 माह पूर्व तक कर सकता है।
यदि कर्मचारी समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं करता है, तो पेंशन सॉफ्टवेयर पहले से मौजूद जानकारी के आधार पर स्वतः (auto-generate) ग्रेच्युटी केस जनरेट कर देगा। इसके बाद अधिकारी को मामले की जाँच के लिए 15 दिन का समय मिलेगा।
एक बार केस जनरेट होने पर, सॉफ्टवेयर द्वारा एक पंजीयन क्रमांक (Registration Number) आवंटित किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया के दौरान उपयोग में आएगा।

अन्य स्थितियों में कार्रवाई: यदि मामला अधिवार्षिता (superannuation) से भिन्न है, जैसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS), अनिवार्य सेवानिवृत्ति या अशक्तता (disability), तो यह कार्रवाई आदेश दिनांक से एक माह के भीतर पूरी करनी होगी।

ग्रेच्युटी प्रस्तावक अधिकारी (GPO) की भूमिका

अधिकारी कर्मचारी की ग्रेच्युटी को प्रभावित करने वाली घटनाओं जैसे वेतन निर्धारण (Pay Fixation), विभागीय जाँच, न्यायालयीन प्रकरण, और शासकीय धन की बकाया राशि की जाँच करेंगे।
यदि कर्मचारी का वेतन निर्धारण (pay fixation) अभी तक संभागीय संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा से अनुमोदित (approve) नहीं हुआ है, तो अधिकारी इसे ऑनलाइन ग्रेच्युटी प्राधिकृतकर्ता अधिकारी (GAO) को भेजेंगे, जो अधिकतम एक माह में इसकी जाँच कर अनुमोदन करेंगे।

अधिकारी द्वारा विस्तृत जाँच और बकाया की वसूली

जब कर्मचारी अपना केस ऑनलाइन सबमिट कर देता है, तब ग्रेच्युटी प्रस्तावक अधिकारी (GPO) को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहराई से जाँच करनी होती है:
अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कर्मचारी के विरुद्ध कोई विभागीय जाँच (Departmental Inquiry) या न्यायालयीन प्रकरण (Court Case) लंबित तो नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला है, तो उसकी जानकारी और उस पर होने वाली कार्रवाई की प्रविष्टि (entry) पेंशन सॉफ्टवेयर में अपडेट की जाएगी।

सेवा अवधि का निर्धारण (Service Calculation):

अअर्हकारी सेवा (Non-qualifying Service): ऐसी सेवा अवधि जिसे ग्रेच्युटी के लिए नहीं गिना जाता (जैसे बिना अनुमति के अनुपस्थिति आदि), उसकी पहचान की जाएगी और सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा।
पूर्व सेवा (Previous Service): यदि नियुक्ति प्राधिकारी ने कर्मचारी की पिछली किसी सेवा को गणना में लेने की अनुमति दी है, तो उसकी जानकारी भी सॉफ्टवेयर में डाली जाएगी।
बाह्य सेवा (External Service): यदि कर्मचारी ने अपने विभाग से बाहर कहीं सेवा दी है, तो उस अवधि का NPS अंशदान और अवकाश अंशदान (Leave Salary Contribution) नियमानुसार जमा कराया गया है या नहीं, इसकी जाँच की जाएगी।

Recovery of Govt Dues

यदि गलत वेतन निर्धारण के कारण कर्मचारी को अधिक भुगतान (excess payment) हो गया है, तो वह राशि सरकारी खजाने में जमा कराई जाएगी। यदि कर्मचारी इसे जमा नहीं करता, तो उसकी ग्रेच्युटी या अन्य देयकों से रिकवरी (recovery) की जाएगी।
यदि कर्मचारी सरकारी मकान में रहा है, तो उसका नियमित किराया कटा होना चाहिए। यदि कोई किराया बकाया है, तो उसे कर्मचारी से वसूल किया जाएगा।
इन सभी जाँचों और सत्यापनों के बाद, GPO ऑनलाइन माध्यम से केस को ग्रेच्युटी प्राधिकृतकर्ता अधिकारी (GAO) को भेज देगा।
GPO को यह पूरी कार्रवाई कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से कम से कम एक माह पूर्व पूर्ण करनी होगी। यदि मामला स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) जैसा है, तो अधिकतम दो माह में यह काम पूरा करना होगा।
यदि केस GAO को भेजने के बाद भी कर्मचारी के विरुद्ध कोई जाँच शुरू होती है या वसूली का आदेश निकलता है, तो अधिकारी को 24 घंटे (एक दिन) के भीतर इसकी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपडेट करनी होगी।
यह प्रक्रिया का वह हिस्सा था जहाँ विभाग कर्मचारी के रिकॉर्ड की पूरी तरह सफाई और जाँच करता है। 

प्राधिकृतकर्ता अधिकारी (GAO) की कार्रवाई और भुगतान आदेश

जब ग्रेच्युटी प्रस्तावक अधिकारी (GPO) अपनी जाँच पूरी कर केस आगे भेज देता है, तब GAO की जिम्मेदारी शुरू होती है:
GAO आगामी 24 महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के विवरणों का पहले से ही परीक्षण करेगा। यदि प्रविष्टियों में कोई कमी दिखती है, तो वह पेंशन सॉफ्टवेयर पर अपनी परीक्षण टिप (Audit Remark) दर्ज करेगा जिसे GPO देख सकेगा।
यदि GPO द्वारा वेतन निर्धारण के अनुमोदन के लिए प्रकरण भेजा गया है, तो GAO को उसे प्राप्त होने के 07 दिनों के भीतर निराकृत करना होगा। यदि वेतन निर्धारण पहले ही संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा अनुमोदित हो चुका है, तो इसकी दोबारा जाँच नहीं की जाएगी।

ग्रेच्युटी केस का ऑनलाइन परीक्षण:

GPO से ऑनलाइन प्राप्त प्रकरण का GAO सूक्ष्मता से परीक्षण करेगा। यदि सब कुछ नियमानुसार सही पाया जाता है, तो उसे अनुमोदित (approve) कर दिया जाएगा। यदि कोई कमी पाई जाती है, तो सुधार के लिए केस वापस GPO को भेज दिया जाएगा ।

Payment Order जारी करना:

केस अनुमोदित होने के बाद, GAO ई-हस्ताक्षर (e-signature) के माध्यम से 01 दिन के भीतर उपादान अदायगी आदेश (Gratuity Payment Order) जारी करेगा। यदि किसी मामले में अनुमोदन सेवानिवृत्ति की तारीख के 07 दिन बाद हुआ है, तो आदेश भी सेवानिवृत्ति के 07 दिन बाद ही जारी होगा। आदेश जारी होने की सूचना कर्मचारी और GPO दोनों को ऑनलाइन माध्यम से मिल जाएगी।

Treasury से भुगतान:

GAO इस आदेश के आधार पर कोषालय में देयक (bill) प्रस्तुत करेगा। भुगतान के समय, GPO द्वारा बताई गई किसी भी शासकीय बकाया की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। यदि भुगतान होने से पहले पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो राशि उसके नामांकित व्यक्ति (nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाएगी। 

सेवा के दौरान मृत्यु या लापता होने पर ग्रेच्युटी की प्रक्रिया

यदि किसी कर्मचारी की सेवा काल के दौरान मृत्यु हो जाती है या वह लापता हो जाता है, तो ग्रेच्युटी के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:

मृत्यु की स्थिति में (In case of Death):

कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके पति या पत्नी को परिशिष्ट-2 (Annexure-2) में मांगी गई जानकारी और मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) की प्रति 'ग्रेच्युटी प्रस्तावक अधिकारी' (GPO) को देनी होगी। यदि पति या पत्नी जीवित नहीं हैं, तो ग्रेच्युटी प्राप्त करने के लिए नामांकित (nominated) संतान द्वारा यह जानकारी और मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

मृत्यु प्रमाण पत्र और जानकारी प्राप्त होने के 07 दिनों के भीतर, GPO को पेंशन सॉफ्टवेयर में मृत्यु की तारीख और परिवार द्वारा दी गई जानकारी दर्ज करनी होगी और मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। जानकारी पूर्ण होने के बाद, GPO इसका परीक्षण और सत्यापन करेगा और केस को ग्रेच्युटी प्राधिकृतकर्ता अधिकारी (GAO) को ऑनलाइन भेज देगा।

लापता होने की स्थिति में (In case of Missing):

यदि कर्मचारी लापता हो जाता है, तो उनके पति/पत्नी (या उनकी अनुपस्थिति में नामांकित संतान) को पुलिस रिपोर्ट के साथ परिशिष्ट-2 में विवरण GPO को देना होगा। लापता होने की सूचना मिलने के 07 दिनों के भीतर, अधिकारी को सॉफ्टवेयर में इसकी प्रविष्टि कर केस आगे बढ़ाना होगा।

भुगतान की अंतिम प्रक्रिया:

GAO प्रकरण की जाँच के बाद ग्रेच्युटी अदायगी आदेश (Gratuity Payment Order) जारी करेगा। कोषालय (Treasury) से राशि: GAO कोषालय में बिल (bill) प्रस्तुत करेगा और भुगतान सुनिश्चित करेगा।भुगतान के समय, विभाग द्वारा प्रस्तावित किसी भी शासकीय धन की वसूली ग्रेच्युटी की राशि से की जाएगी। यदि आदेश जारी होने के बाद लेकिन भुगतान मिलने से पहले पात्र व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो भुगतान नामांकित व्यक्ति (nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को किया जाएगा।

अवशिष्ट ग्रेच्युटी और आदेश के बाद संशोधन की प्रक्रिया

यदि किसी पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो पेंशन संवितरण अधिकारी (Pension Disbursing Officer) मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होने के 07 दिनों के भीतर इसकी सूचना 'ग्रेच्युटी प्राधिकृतकर्ता अधिकारी' (GAO) को देगा। GAO मृत्यु की तारीख को पेंशन सॉफ्टवेयर में दर्ज करेगा। यदि पेंशनभोगी को मिली ग्रेच्युटी की राशि उनकी उपलब्धियों (perquisites) के 12 गुना से कम है और उनकी मृत्यु सेवानिवृत्ति के 05 वर्ष के भीतर हो गई है, तो GAO 'अवशिष्ट ग्रेच्युटी' की गणना करेगा। इसके बाद अवशिष्ट ग्रेच्युटी अदायगी आदेश जारी किया जाएगा और राशि का भुगतान नामांकित व्यक्ति (nominee) को किया जाएगा।

भुगतान आदेश जारी होने के बाद संशोधन (Revision):

यदि कर्मचारी के ऐसे विवरणों में गलती पाई जाती है जिससे ग्रेच्युटी की राशि या पात्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, तो GPO सॉफ्टवेयर में सुधार कर संबंधित दस्तावेज अपलोड करेगा। GAO इसकी जाँच कर त्रुटि सुधार पत्र (Error Correction Letter) जारी करेगा। यदि किसी न्यायालयीन आदेश या अन्य कारण से कर्मचारी के वेतन या अर्हकारी सेवा की अवधि में पिछले समय से कोई बदलाव होता है, तो GPO सॉफ्टवेयर में प्रविष्टियों को संशोधित करेगा। संशोधित वेतन निर्धारण का GAO से अनुमोदन होने के बाद, GPO पुनरीक्षित ग्रेच्युटी प्रकरण (Revised Gratuity Case) तैयार कर GAO को भेजेगा।

यदि शासन द्वारा पिछले समय से महँगाई भत्ते की दर में वृद्धि की जाती है, तो पेंशन सॉफ्टवेयर स्वतः (auto-generate) पुनरीक्षित आदेश जनरेट कर देगा, जो GAO की कार्यसूची में दिखने लगेगा। GAO इन पुनरीक्षित प्रकरणों का सत्यापन कर नया अदायगी आदेश जारी करेगा, जिसका भुगतान कोषालय (Treasury) के माध्यम से किया जाएगा।
यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि किसी भी तकनीकी गलती या नीतिगत बदलाव की स्थिति में कर्मचारी या उनके परिवार को उनका सही हक मिल सके। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी, भोपाल
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