भोपाल समाचार, 8 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सेवाएं देने वाले पुराने शिक्षक आपस में इतने उलझ गए थे कि इनका एक होना असंभव सा दिखता था लेकिन विशेष पात्रता परीक्षा के आदेश ने पुराने शिक्षकों को संगठित कर दिया। भोपाल में आज पुराने शिक्षकों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि DPI दीवारें हिल गई।
Bhopal: Senior Teachers Show Strength, Massive Protest Shakes DPI Office
शिक्षकों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के नाम पर जारी इस आदेश से हजारों पुराने शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। संगठनों ने सरकार से टीईटी आदेश को निरस्त करने और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने बताया कि 8 अप्रैल को हुए जिला स्तरीय प्रदर्शन के बाद DPI भोपाल के संचालक के.के. द्विवेदी को ज्ञापन सौंप दिया गया है और फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 11 अप्रैल तक मध्य प्रदेश सरकार टीईटी परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करती है, तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
18 अप्रैल को भोपाल में बीवी बच्चों के साथ प्रदर्शन करने आएंगे
उन्होंने आगे कहा कि यदि 8 और 11 अप्रैल के मौके निकल जाने के बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो 18 अप्रैल को प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल में एकत्र होकर परिवार सहित प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शिक्षक राजधानी में डटे रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह उनकी योग्यता की जांच के नाम पर दोबारा परीक्षा कराई जा रही है, उसी तरह हर कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी के लिए भी हर 5 साल में यूपीएससी जैसी परीक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए।

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