सीएम डॉ मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की, किसानों की चिंता

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 5 अप्रैल 2026
: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लगातार किसानों की चिंता कर रहे हैं। आज सुबह उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया था कि ओला पीड़ित किसानों को तुरंत राहत दी जाए। शाम को गेहूं उत्पादन की तैयारी की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए के किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

CM Dr Mohan Yadav Reviews Wheat Procurement Preparedness 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि, आज गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न हो। प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। 

उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी। छोटे किसानों को खरीदी में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

उपार्जन की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदाने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ता एजेंसियों से बारदाना आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया जारी है। उपार्जन की व्यवस्था सुचारू हो, इस संबंध में मंत्रिमंडल उप समिति के सदस्यों और किसान प्रतिनिधियों के साथ भी विचार विमर्श किया।

सबसे पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा: डॉ मोहन यादव

मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्यगणों एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदायकर्ता एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

तौल केन्द्रों का निरीक्षण उपार्जन शुरू होने से पहले करा लें 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम भी बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, ताकि किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

किसानों को बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी की जाएं।

मध्य प्रदेश में 10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

बैठक में अपर मुख्य सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने  बताया‍ कि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3 हजार 627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन संभावित

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

बैठक में उपस्थित

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधिगण तथा खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। 
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