भोपाल, 15 मार्च 2026 : शिवपुरी के जिला शिक्षा अधिकारी श्री विवेक श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार के टारगेट पर आ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने श्री विवेक श्रीवास्तव द्वारा प्राथमिक शिक्षक श्री साकेत पुरोहित को सस्पेंड करने की कार्रवाई को अन्याय और संविधान के खिलाफ बताया है। यहां उल्लेख करना उचित होगा कि 6 महीने पहले सितंबर 2025 में श्री विवेक श्रीवास्तव पर भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा था और जिला पंचायत की बैठक में भारी हंगामा हुआ था।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि, शिवपुरी में प्रधानमंत्री की मिमिक्री के आरोप में शिक्षक को निलंबित करना चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब लोकतंत्र में सवाल पूछना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अपराध बन गया है। सिंघार ने कहा कि जब जनता महंगाई से परेशान है, तब समस्याओं का समाधान करने के बजाय शिक्षक को निलंबित करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
शिक्षक ने कहा मेरे खिलाफ एक तरफा कार्रवाई कर दी
प्राथमिक शिक्षक साकेत पुरोहित का कहना है कि उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई है। उनका आरोप है कि इस मामले में उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया।
जिला शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई, सिविल सेवा नहीं संविधान का उल्लंघन
जिला शिक्षा अधिकारी श्री विवेक श्रीवास्तव ने प्राथमिक शिक्षक श्री साकेत पुरोहित को सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में सस्पेंड किया है परंतु शिक्षक को सुनवाई का अवसर न देकर जिला शिक्षा अधिकारी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत) का उल्लंघन किया है। A.K. Kraipak बनाम Union of India मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की अवमानना की गई है।
जातिवाद की राजनीति
दरअसल यह मामला ना तो भाजपा-कांग्रेस का है और ना ही प्रधानमंत्री के सम्मान का है बल्कि यह मूल रूप से जातिवाद की पॉलिटिक्स है। शिक्षक पोहरी विधानसभा के बैराड़ क्षेत्र में स्थित स्कूल में पदस्थ है और वहीं पर रहते हैं। पोहरी विधानसभा में भाजपा की पूरी कार्यकारिणी है, हजारों कार्यकर्ता हैं, और शक्तिशाली स्थिति में है लेकिन फिर भी पोहरी विधानसभा से किसी ने शिकायत नहीं की। ब्राह्मणों का विरोध करने वाले पिछोर के विधायक श्री प्रीतम लोधी ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की और जिला शिक्षा अधिकारी श्री विवेक श्रीवास्तव ने पद का दुरुपयोग करते हुए, संविधान का उल्लंघन करते हुए, प्राथमिक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया।
मजे की बात देखिए, श्री उमंग सिंघार ने इस मामले में शिक्षक का समर्थन और संरक्षण किया है। जबकि श्री सिंघार, आदिवासी समुदाय की राजनीति करते हैं और पीड़ित शिक्षक ब्राह्मण है, लेकिन शासकीय प्राथमिक विद्यालय, आदिवासी मोहल्ला सेमरखेड़ी (संकुल केंद्र बैराड़) में आदिवासी बच्चों को पढ़ाता है।

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