पेट्रोल प्राइस कंट्रोल के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 30% की कटौती, पाकिस्तान का मामला

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 15 मार्च 2026
: अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई के कारण दुनिया भर में पेट्रोल और एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि हो रही है। पेट्रोल प्राइस कंट्रोल करने के लिए सरकार ने, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 30% तक की कटौती का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि जब देश को जरूरत है तो कर्मचारियों को अपने वेतन से भी कटौती करनी होगी। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री श्री शाहबाज शरीफ द्वारा लिया गया। 

सप्ताह में 4 दिन काम लेंगे और चार दिन का वेतन देंगे

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार The Dawn के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में SOEs और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन में 5-30% कटौती का फैसला लिया गया। यह सरकारी कर्मचारियों पर लागू कटौतियों का विस्तार है, और बचाई गई राशि जनता की राहत के लिए उपयोग होगी। इसके अलावा, तेल संकट के कारण स्कूल बंद करने, चार-दिवसीय कार्य सप्ताह और ईंधन भत्ते में कटौती जैसे अन्य उपायों का भी जिक्र है।

पाकिस्तान में कैबिनेट मंत्रियों खुद 2 महीने का वेतन नहीं मिलेगा

Geo News की रिपोर्ट में कहा गया है कि SOEs के कर्मचारियों के लिए 5-30% वेतन कटौती मंजूर की गई है। यह मध्य पूर्व युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन संकट से निपटने के लिए है। अन्य उपायों में सरकारी वाहनों के ईंधन में 50% कटौती, कैबिनेट सदस्यों के दो महीने के वेतन में कटौती और ग्रेड-20 से ऊपर के अधिकारियों के दो दिनों के वेतन की कटौती शामिल है। 

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि जिन अधिकारियों का वेतन 3 लाख से अधिक है, उनके वेतन में बड़ी कटौती की गई है। कुल मिलाकर विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए सबसे पहले कैबिनेट मंत्री और फिर सरकारी कर्मचारियों के वेतन भत्तों और सुविधाओं में कटौती की गई है। भारत में सातवां वेतनमान की बात कर्मचारियों की औसत सैलरी एक लाख से अधिक हो गई है जबकि उनकी जरूरत और योग्यता की तुलना में उनका वेतन बहुत ज्यादा है। जो फार्मूला पाकिस्तान में अपनाया गया क्या वही फार्मूला भारत में भी अपनाया जा सकता है? 

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