चमत्कार का रहस्य जानिए: समुद्र के किनारे मानव के पदचिन्ह 13000 साल तक सुरक्षित कैसे रहे

Updesh Awasthee
ज्ञान विज्ञान न्यूज डेस्क, 29 मार्च 2026
: आपको याद होगा कुछ दिनों पहले भोपाल समाचार में एक न्यूज़ पब्लिश हुई थी। इसमें बताया था कि उत्तरी अमेरिका के कैल्वरट द्वीप (Calvert Island) पर एक मानव परिवार के 13000 साल पुराने पैरों के निशान मिले हैं। बहुत सारे लोगों में सवाल किया है कि प्रशांत सागर जैसे समुद्र के किनारे, जहां कोई भी चिन्ह 13000 साल तक सुरक्षित नहीं रह सकता, वहां मनुष्यों के पैरों के निशान इतने लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रहे। तो चलिए इस चमत्कार का रहस्य जानते हैं:- 

पुरातत्व की घटनाओं को कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार श्री ध्रुव ऋषिकांत बताते हैं कि, कैल्वरट द्वीप (Calvert Island) पर मिले 13,000 साल पुराने पैरों के निशान विज्ञान और पुरातत्व की दृष्टि से एक चमत्कार की तरह हैं। समुद्र के किनारे होने के बावजूद, जहाँ लहरें और कटाव (erosion) आमतौर पर निशानों को मिटा देते हैं, इन पदचिह्नों के सुरक्षित रहने के पीछे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण हैं:

1. Impact of Wet, Soft Mud: अध्ययन के अनुसार, ये पदचिह्न उस समय बने थे जब लोग "wet, soft mud" (गीली और नरम मिट्टी) पर नंगे पैर चल रहे थे। मिट्टी के नरम होने के कारण पैरों के निशान गहराई से उभरे, जिसमें पैर की उंगलियों (toes), मेहराब (arches) और एड़ी (heels) के साफ निशान बन गए। कुछ निशानों में एड़ी घिसटने (dragged heels) के संकेत मिलते हैं, जो मिट्टी के फिसलन भरे होने की पुष्टि करते हैं।

2. Preservation in Shoreline Sediment: इन निशानों के सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा कारण यह है कि ये "shoreline sediment" (तटीय तलछट) में दबे हुए थे। समय के साथ, इन मूल निशानों के ऊपर मिट्टी और गाद (silt) की नई परतें जमा हो गईं, जिन्होंने एक सुरक्षा कवच की तरह काम किया। इस प्रक्रिया ने निशानों को हवा और पानी के सीधे संपर्क से बचाए रखा, जिससे वे "fossilized footprints" (जीवाश्म पदचिह्न) के रूप में बदल गए।

3. Changes in Sea Levels: 

हिमयुग (Ice Age) के दौरान, जब ये निशान बने थे, तब समुद्र का स्तर आज की तुलना में "6 to 9 feet lower" (6 से 9 फीट कम) था। उस समय यह क्षेत्र एक विस्तृत तटीय क्षेत्र (broader coastal zone) था। जैसे-जैसे हिमयुग समाप्त हुआ और बर्फ पिघली, समुद्र का स्तर बढ़ने लगा और यह पूरा इलाका "submerged" (जलमग्न) हो गया। पानी के नीचे गहराई में दबे होने और तलछट की परतों के नीचे होने के कारण, ये पदचिह्न हजारों सालों तक बाहरी हलचल से सुरक्षित रहे।

4. Environmental and Geological Context: 

मुख्य शोधकर्ता डंकन मैकलारेन के अनुसार, पुरातात्विक संदर्भों में ऐसे निशानों का मिलना बहुत "uncommon" (असामान्य) है। हालांकि तटीय कटाव (coastal erosion) कभी-कभी इन छिपे हुए निशानों को सतह पर ले आता है, लेकिन कैल्वरट द्वीप की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और वहां की मिट्टी की संरचना ने इन्हें नष्ट होने से बचाया।

संक्षेप में, नरम मिट्टी में निशानों का गहरा होना, उनके ऊपर तलछट की परतों का जमना और फिर समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण उनका जलमग्न हो जाना, इन सभी कारकों ने मिलकर इन 13,000 साल पुराने 'इतिहास के कदमों' को आज हमारे सामने सुरक्षित रखा है।
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