भोपाल समाचार, 29 मार्च 2026: ग्वालियर की जनता द्वारा रिटायर कर दिए गए भाजपा के नेता जयभान सिंह पवैया को जब सरकार ने वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया तो भाजपा के वह मूल कार्यकर्ता बड़े खुश हुए थे, जो सिंधिया की पॉलिटिकल स्टाइल से नाराज रहते हैं। कहा गया था कि पवैया को दर्जा मंत्री का पद देकर ग्वालियर चंबल में पॉलीटिकल पावर को बैलेंस किया गया है लेकिन पवैया ने स्पष्ट कर दिया कि, उनका पद भले ही संगठन द्वारा पेंशन प्लान के तहत दिया गया हो लेकिन पॉलिटिक्स सिंधिया की छत्रछाया में ही करेंगे। यह भी स्पष्ट कर दिया कि वित्त आयोग का संचालन, सिंधिया के मार्गदर्शन में होगा।
जयभान सिंह पवैया, सिंधिया के प्रति निष्ठा प्रकट करने दिल्ली पहुंचे
आपको याद होगा 7 दिन पहले 23 मार्च को जब जयभान सिंह पवैया भोपाल में पदभार ग्रहण करने आए थे तो दोनों डिप्टी सीएम सहित 7-7 मंत्रियों की मौजूदगी ने उनके समर्थन में बड़ा स्ट्रांग मैसेज दिया था। सिर्फ इतना ही नहीं भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, उनको प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली से भोपाल आए थे लेकिन पदभार ग्रहण करते ही जयभान सिंह पवैया, भोपाल से दिल्ली पहुंच गए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या भाजपा के कार्यालय में आभार व्यक्त करने नहीं बल्कि सिंधिया के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट करने। सिंधिया ने गमछा और गुलदस्ता से उनका स्वागत किया, और इसी के साथ भाजपा में सिंधिया विरोधियों के दिल पर वज्रपात हो गया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जयभान सिंह पवैया को अर्थशास्त्र की कोचिंग देंगे
मुलाकात के बाद श्री जयभान सिंह पवैया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर लिखा, आज नई दिल्ली प्रवास में भारत सरकार में संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री Jyotiraditya M Scindia जी से सौजन्य भेंट हुई। वे अर्थशास्त्र के विद्यार्थी भी रहे हैं, इस नाते वित्तीय मामलों में उनके गंभीर अध्यन और अनुभव को साझा करने का सुखद संयोग भी रहा।
दुनिया जानती है कि, जयभान सिंह पवैया को को वित्तीय मामले से दूर की बात, सामान्य गणित भी नहीं आता। बजरंग दल के नेता रहे हैं, उत्पात मचाना आता था। अब उम्र हो गई है तो वह भी नहीं कर पाते। स्वाभाविक वित्तीय मामलों की कोचिंग की जरूरत है और यदि कोचिंग टीचर ज्योतिरादित्य सिंधिया हो, तो कहना ही क्या।
नोट तो यह भी करना पड़ेगा
जयभान सिंह पवैया, वित्त आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद 26 मार्च तक भोपाल में थे। 25 मार्च को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का जन्मदिन था। उनकी तरफ से कोई उत्सव का आयोजन नहीं था लेकिन सीएम हाउस में उनको शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ लग गई थी। क्या छोटा क्या बड़ा, भाजपा का हर कार्यकर्ता जो भोपाल में था, वह मुख्यमंत्री को बधाई देने पहुंचा। कुछ लोग तो मध्य प्रदेश के दूर दराज वाले क्षेत्र से भी आए थे। इतने सबके बावजूद जयभान सिंह पवैया, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को बधाई देने नहीं पहुंचे।

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