भोपाल, 30 मार्च 2026: रीवा जिले में सामने आए चर्चित शिखा मिश्रा पांडेय प्रकरण ने प्रदेश की सियासत और समाज दोनों में हलचल पैदा कर दी है। यह मामला एक संदिग्ध मौत (आत्महत्या) से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Rewa’s Shikha Mishra Pandey Case: All India Brahmin Samaj Demands CBI Probe
मिली जानकारी के अनुसार, शिखा मिश्रा पांडेय एक विवाहित महिला थीं, जिनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस घटना को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि महिला को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है, जहां कई तरह के दावे और कथित साक्ष्य सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि इस प्रकरण में किसी प्रभावशाली व्यक्ति या उससे जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है, जिसके कारण मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
घटना के बाद सामने आए कथित ऑडियो और अन्य तथ्यों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। इन्हीं कारणों से अब इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
इसी बीच अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पंडित पुष्पेंद्र मिश्र ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, ऐसे में निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसी से ही संभव है।
पंडित पुष्पेंद्र मिश्र ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर भोपाल में जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से मांग की जाएगी कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई जांच से न केवल निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, बल्कि किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसने से भी बचाया जा सकेगा। साथ ही पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी।
फिलहाल यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।

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