रामनिवास रावत चुनाव हारने के बाद भी विधायक घोषित, विस्तार में मंत्री बनेंगे, इसे कहते हैं राजयोग

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 9 मार्च 2026
: यदि कोई ज्योतिष में नहीं मानता तो उसे ग्वालियर हाई कोर्ट केस फैसले को पढ़ना चाहिए। विधानसभा चुनाव में हार गए श्री रामनिवास रावत को हाईकोर्ट ने विधायक घोषित कर दिया है और इसमें कोई शक नहीं कि मंत्रिमंडल विस्तार में, उनको कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। 

विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा बनाम रामनिवास रावत मामला संक्षिप्त में

दरअसल, मामला विजयपुर के निवर्तमान विधायक मुकेश मल्होत्रा (कांग्रेस नेता) का है। विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी श्री रामनिवास रावत को पराजित किया था। इसको यदि ठीक प्रकार से लिखा जाए तो ऐसे लिखना चाहिए कि, जनता ने श्री रामनिवास रावत की तुलना में, श्री मुकेश मल्होत्रा को अपना विधायक चुना था। इसके बाद श्री रामनिवास रावत नहीं ग्वालियर हाईकोर्ट में एक चुनाव याचिका दाखिल की। 

Ramniwas Rawat Declared MLA Despite Election Loss, A Rare Political Twist in MP

इसमें उन्होंने बताया कि, उनके खिलाफ चुनाव जीतने वाले श्री मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में गलत जानकारी दी है। उनके खिलाफ टोटल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि उन्होंने केवल दो आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। ट्रायल के दौरान पाया गया कि, यह बात सही है। श्री मुकेश मल्होत्रा ने अपने क्राइम रिकॉर्ड की जानकारी नहीं दी। इसके कारण जनता को पता नहीं चला और जनता ने श्री मुकेश मल्होत्रा को एक भला आदमी मानकर अपना विधायक चुन लिया। इसके आधार पर हाईकोर्ट ने श्री मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। यानी कि अब वह विधायक नहीं है। 

चुनाव हार चुके रामनिवास रावत को विधायक घोषित क्यों किया

मजे की बात देखिए, एक तरफ श्री मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित किया गया है तो दूसरी तरफ इसी डिसीजन के कारण श्री रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया गया है। जबकि श्री रावत तो चुनाव हार गए थे, लेकिन इन नेताओं ने बड़ी चतुराई के साथ कानून ही ऐसा बनाया है। कोर्ट में कुछ नहीं कर सकता। लॉजिक यह है कि यदि श्री मल्होत्रा अपने क्राइम रिकॉर्ड की जानकारी देते तो शायद जनता उनको इतने वोट नहीं देती। क्राइम रिकॉर्ड छुपाना अपराध है, इसलिए श्री मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य हो गया लेकिन कोई भी विश्वास पूर्वक नहीं कह सकता कि यदि श्री मल्होत्रा अपना क्राइम रिकॉर्ड बता दीजिए तो जनता उनको इतना वोट नहीं देती। जनता ने किस आधार पर वोट दिया है, इसका फैसला कोई नहीं कर सकता। इस लॉजिक के हिसाब से श्री रावत को विधायक घोषित करना गलत है और दोबारा चुनाव होनी चाहिए लेकिन कानून ऐसा ही है। उपचुनाव के झंझट से बचने के लिए रनर को विनर घोषित कर दिया जाता है। 

रामनिवास रावत कैबिनेट मंत्री बनेंगे

श्री रामनिवास रावत, एक ऐसे कांग्रेस नेता हैं जो पहले कैबिनेट मंत्री बने, फिर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया और भाजपा में शामिल हुए। अब जबकि उनके प्रबल राजयोग ने उनको फिर से विधायक घोषित करवा दिया है और मंत्रिमंडल का विस्तार भी होना ही वाला है, तो इसमें कोई डिबेट नहीं की श्री रामनिवास रावत कैबिनेट मंत्री बनेंगे।
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