सरकारी शिक्षकों के लिए STET का मुद्दा लोकसभा तक पहुंचा, पुर्नविचार का प्रस्ताव

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 मार्च 2026
: मध्य प्रदेश सहित भारत के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए प्रस्तावित विशेष पात्रता परीक्षा का मुद्दा आज लोकसभा में उठाया गया। रतलाम से बीजेपी सांसद अनीता नागर सिंह चौहान ने इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। 

MP Teachers’ STET Controversy Raised in Lok Sabha

रतलाम से बीजेपी सांसद अनीता नागर सिंह चौहान ने लोकसभा में उठाया है। शुक्रवार को रतलाम सांसद ने मामला उठाते हुए कहा- शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत 20-25 सालों से काम कर रहे शिक्षकों से दोबारा योग्यता परीक्षा देने की बात सामने आई है। मेरे लोकसभा क्षेत्र के शिक्षकों के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है। ये शिक्षक कई वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनके पास अच्छा अनुभव है ऐसे में फिर से शिक्षकों की परीक्षा लेने से उनके मन में चिंता और दबाव बन रहा है। इस निर्णय से शिक्षकों का मनोबल कम हो सकता है। सरकार से निवेदन है इस विषय पर पुर्नविचार किया जाए। 

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा था - तुम्हारी प्रॉब्लम तुम जानो

एक ही विषय को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में दो प्रकार के विचार सामने आए हैं। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने जब मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह से मिलकर यही अनुरोध किया था तो, श्री उदय प्रताप सिंह ने शिक्षकों से स्पष्ट कह दिया था कि यह सुप्रीम कोर्ट के स्तर का मामला है। तुम लोगों की प्रॉब्लम है तुम ही अपने स्तर पर निपटो। इसके बाद मध्य प्रदेश के शिक्षकों की संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल करने की तैयारी की। पिछले दिनों शिक्षकों के कुछ नेता दिल्ली में थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अभी तक कोई पिटीशन फाइल नहीं हुई है।

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