भोपाल, 25 मार्च 2026 : राज्य शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष श्री जगदीश यादव द्वारा मध्य प्रदेश में शिक्षकों की विशेष पात्रता परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल कर दी गई है। राज्य शिक्षक संघ की ओर से कहा गया है कि, वह शिक्षकों की लड़ाई न्याय के सबसे बड़े मंदिर में लड़ रहे हैं और शिक्षकों के हित की रक्षा करेंगे। हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका को स्वीकार नहीं किया गया है और संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी नहीं किए गए हैं।
Petition Filed in Supreme Court Against MP Teachers’ Special Eligibility Test
स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश का हवाला देते हुए विशेष पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी है। इस आदेश के तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के लगभग 1.5 लाख से 2.10 लाख शिक्षकों (विशेषकर RTE 2009 से पहले नियुक्त, संविदा शिक्षक, गुरुजी और लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों) को परीक्षा पास करनी होगी, अन्यथा उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है।
शिक्षक संगठनों का तर्क है कि 20-25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे शिक्षकों को फिर से परीक्षा देना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने सरकार से रिव्यू पिटीशन दायर करने या RTE एक्ट में संशोधन की मांग की थी, लेकिन सरकार की तटस्थता के बाद संघ ने खुद कानूनी रास्ता अपनाया।
राज्य शिक्षक संघ ने पहले सरकार से चर्चा की, मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात की और विधिक समिति गठित की। जब समाधान नहीं निकला, तो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं (जिसमें मुकुल रोहतगी सहित अन्य शामिल) से परामर्श के बाद पिटीशन दायर की गई।
श्री जगदीश यादव ने जोर देकर कहा कि शिक्षक समुदाय की चिंता और असमंजस को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। संघ का मानना है कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुराने शिक्षकों को छूट दी जानी चाहिए, जैसा कि कुछ अन्य राज्यों में हो रहा है।
यह पिटीशन सभी प्रभावित शिक्षकों को राहत दिलाने का प्रयास है। संगठन आगे भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा। शिक्षक वर्ग में इस कदम का स्वागत हो रहा है, क्योंकि अब व्यक्तिगत स्तर पर कोर्ट जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
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