मध्य प्रदेश में अस्पताल जाने से पहले पूछ लेना, नहीं तो परेशान होना पड़ेगा

Updesh Awasthee
भोपाल, 8 मार्च 2026
: यदि आप मध्य प्रदेश में किसी भी सरकारी को अस्पताल में इलाज करवाने के लिए जाने वाले हैं, चाहे केवल OPD के लिए ही जाने वाले हैं तो एक बार कंफर्म कर लीजिएगा। यदि आप कंफर्म किए बिना चले गए तो आपको परेशान होना पड़ सकता है। 

MP Alert: Check Before Visiting Hospital as Junior Doctors May Go on Strike

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर जा सकते हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं होने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को प्रदेशभर के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में ‘जस्टिस मार्च’ निकाला। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सोमवार से OPD सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन थिएटर (OT) में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। इससे हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है।

रविवार को निकाला ‘जस्टिस मार्च’ 

विरोध के अगले चरण में रविवार को प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसरों में ‘जस्टिस मार्च’ रैली निकाली गई। राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में दोपहर करीब 12 बजे सभी रेजिडेंट डॉक्टर एडमिन ब्लॉक पर एकत्र हुए। इसके बाद पूरे कैंपस और आसपास के इलाकों में रैली निकालकर नारेबाजी की गई। डॉक्टरों ने कहा कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया और सरकार से जल्द मांगें पूरी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत न पड़े।

तीन दिन से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है।

आदेश के बावजूद लागू नहीं हुआ स्टाइपेंड संशोधन

JDA से जुड़े डॉ. ब्रिजेंद्र ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार CPI आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। इसके बावजूद अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

इलेक्टिव सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी

जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो सोमवार से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

आदेश के क्रियान्वयन की मांग

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शासन के पहले से जारी आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध को और तेज किया जाएगा।
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