भोपाल, 8 मार्च 2026 : गुना से भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्री पन्नालाल शाक्य अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। वह यहां तक कह रहे हैं कि, उनकी बात सरकार नहीं सुनती क्योंकि वह रिजर्व सीट से हैं। यानी जाति के कारण उन्हें महत्व नहीं मिल रहा है। हमने इन्वेस्टिगेट करने की कोशिश की है, कि उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र में कितने मुद्दे उठाए थे और कितने प्रस्ताव दिए थे। दरअसल, हम यह जानना चाहते थे कि सरकार ने उनके प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी है और क्या सचमुच कोई काम आगे बढ़ने वाला है। हम पता लगाने निकले थे कि क्या गुना विधानसभा की जनता के लिए कोई गुड न्यूज़ है।
Guna MLA Pannalal Shakya Exposed: Issues Raised in Assembly and Demands in Budget
जब हमने मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026, जो फरवरी के महीने में संपन्न हुआ है, के डॉक्यूमेंट पलटने की कोशिश की तो हमको पता चला कि गुना के मामले में कुल कितने प्रश्न किसने पूछे। आपके पूरे 500 पेज का डॉक्यूमेंट पलटने की जरूरत नहीं है। हमको जो मिला वह हम यहां पर बता देते हैं:-
1. श्री जयवर्धन सिंह (राघौगढ़, गुना) ने गुना जिले में गेल (GAIL) कंपनी द्वारा सीएसआर (CSR) के तहत किए गए कार्यों, प्रदूषण नियंत्रण, और अधिकारियों द्वारा विधायकों के पत्रों की अनदेखी जैसे कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं।
2. श्रीमती प्रियंका पैंची (चाचौड़ा, गुना) ने चाचौड़ा क्षेत्र के थानों में पुलिस बल की कमी, चाचौड़ा-बीनागंज को नगरपालिका बनाने और क्षेत्र की सड़कों के ननमाषण से संबंधित प्रश्न किए हैं।
3. श्री उमाकांत शर्मा ने गुना जिले के मकसूदनगढ़ क्षेत्र में बिजली लाइनों के विस्तार और सिरोंज-लटेरी क्षेत्र (जो गुना के समीप है) के विकास कार्यों पर सवाल किए।
पन्नालाल शाक्य ने विधानसभा में कोई सवाल ही नहीं किया
गुना के विधायक श्री पन्नालाल शाक्य ने विधानसभा में कोई सवाल नहीं किया, कोई मुद्दा नहीं उठाया, कोई डिमांड नहीं की। यहां नोट कीजिए कि विधानसभा ही एकमात्र ऐसा स्थान है जहां विधायक अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठा सकते हैं, सरकार से सवाल पूछ सकते हैं और विकास के लिए मांग कर सकते हैं। यह सब कुछ सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है। मीडिया के सामने बयान बाजी का कोई महत्व नहीं होता। सिद्ध सिद्धांत है, जो मांगेगा उसको मिलेगा।
अब आप खुद तय कीजिए कि जो विधायक विधानसभा के अंदर चुप रहता है, अपने क्षेत्र के विकास के लिए कोई डिमांड नहीं करता और मीडिया के सामने बयान बाजी करता है। उसके बयानों पर कैसे विश्वास किया जाए।

