लखनादौन नगर परिषद में करोड़ों का बंदरबांट, EOW ने अध्यक्ष और अधिकारियों सहित 23 पर दर्ज की FIR

Updesh Awasthee
लखनादौन (सिवनी), 2 मार्च 2026
: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन नगर परिषद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), जबलपुर की जांच में 83 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पाए जाने के बाद नगर परिषद की वर्तमान अध्यक्ष, दो पूर्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और राजस्व निरीक्षक सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

नियमों को ताक पर रखकर पहुंचाई गई शासन को चपत सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद ने चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर स्थित आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की 75 दुकानों के निर्माण और नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी। नियमानुसार, सफल बोलीदाताओं को नीलामी की 25 प्रतिशत राशि 21 दिनों के भीतर और शेष राशि 120 दिनों के भीतर जमा करनी अनिवार्य थी। इसके बाद ही अनुबंध निष्पादित कर कब्जा दिया जाना था।

किंतु, 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कई दुकानदारों को पूरी राशि जमा कराए बिना और बिना किसी कानूनी अनुबंध के दुकानों का कब्जा सौंप दिया गया। जांच में पाया गया कि:
32 में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये की नीलामी राशि जमा नहीं की।
परिषद को लगभग 2.88 लाख रुपये के मासिक किराए का भी नुकसान हुआ।
नियमों के विरुद्ध आरक्षित वर्ग की दुकान क्रमांक 7 को बिना पुनः नीलामी प्रक्रिया अपनाए वैभव दुबे नामक व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया।

इन धाराओं में फंसा कानूनी शिकंजा जबलपुर निवासी रविंद्र सिंह आनंद की शिकायत पर हुई इस जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने पद के दुरुपयोग और मिलीभगत का मामला पाया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक उल्लंघन), 120बी (आपराधिक साजिश) और भष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
नामजद आरोपी: प्रशासन से लेकर दुकानदार तक शामिल इस घोटाले में रसूखदारों और अधिकारियों की लंबी सूची सामने आई है, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
  • मीणा बलराम गोल्हानी (नगर परिषद अध्यक्ष)
  • गजेन्द्र पाण्डे (तत्कालीन सीएमओ)
  • गीता वाल्मीक (तत्कालीन सीएमओ)
  • रवि झारिया/गोल्हानी (राजस्व उप निरीक्षक)
पीआईसी सदस्य: देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन और सविता गोलू कुमरे।
अन्य आरोपी: भागचंद्र अहिरवार, तेजस्व जैन, शैलेन्द्र यादव, वैभव दुबे, विकास नामदेव सहित 14 दुकानदार।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस पूरे मामले में आपसी मिलीभगत से शासन के राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई गई है। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
लखनादौन से ब्यूरो की रिपोर्ट।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!