इंदौर, 14 मार्च 2026 : भागीरथपुरा कांड तो याद होगा आपको, नर्मदा जल में शौचालय के पानी की मिलावट के कारण 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आज इस मामले में एक बड़ा पॉलिटिकल ड्रामा सामने आया है। कांग्रेस ने इनमें से 22 परिवारों को अस्थि विसर्जन के लिए प्रयागराज रवाना किया लेकिन रवानगी के समय ही खुलासा हो गया। कलश में अस्थियां थी ही नहीं। लोगों ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के तरफ से उनको 1-1 लाख रुपए मिले हैं। इसलिए वह कांग्रेस पार्टी की बस में सवार होकर प्रयागराज जा रहे हैं।
Cash for Crowd: INC Faces Questions Over Bhagirathpura ‘Asthi Visarjan’ Event
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जलकांड ने वैसे भी लोकल विधायक और नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की काफी धुलाई कर दी थी। यदि नेता प्रतिपक्ष विधानसभा में ठीक प्रकार से मोर्चाबंदी करते तो श्री कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा भी देना पड़ता है। सब कुछ कांग्रेस के फेवर में चल रहा था परंतु पता नहीं कांग्रेस के नेताओं को क्या सूझी। भागीरथपुरा कांड में मारे गए लोगों की अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम घोषित कर दिया। मीडिया के सामने बड़ा सामान्य सा सवाल था, 31 दिसंबर तक 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी थी। हिंदू परंपरा के अनुसार 5 जनवरी तक सबका अस्थि विसर्जन हो जाना चाहिए था, फिर भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों ने इतने लंबे समय तक अस्थियों को विसर्जित क्यों नहीं किया।
जब पत्रकारों ने सवाल किया तो भागीरथपुरा के लोगों ने बड़ी मासूमियत के साथ कांग्रेस पार्टी की पोल खोल कर रख दी। उन्होंने बताया कि, अस्थियां तो परंपरा के अनुसार कांग्रेस पार्टी की ओर से उनको 1-1 लाख रुपए मिले हैं। कांग्रेस पार्टी ने ही कलश दिया है जिसमें फूल रखे हुए हैं। कांग्रेस पार्टी की बस में सवार होकर जा रहे हैं। भागीरथपुरा के लोगों ने यह भी कहा कि, कांग्रेस ने मदद किया इसलिए हम कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम में शामिल हैं।
36 लोगों की मौत हुई, फिर भी कांग्रेस के साथ सिर्फ 22 परिवार
यहां एक और बात नोट करने वाली है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया था कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से 36 लोगों की मौत हुई है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम में केवल 22 कलश शामिल हुए। इसका मतलब क्या हुआ, क्या 1-1 लाख का ऑफर मिलने के बाद भी 14 मृतकों के परिवारों ने कांग्रेस के फर्जी अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया?
कांग्रेस पार्टी का अस्थि विसर्जन इवेंट
शनिवार सुबह मामाजी की धर्मशाला से भागीरथपुरा चौराहे तक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों को विदाई दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे मौजूद रहे। सेवादल के शहर अध्यक्ष मुकेश यादव ने बताया कि प्रयागराज पहुंचने के बाद सनातन परंपरा के अनुसार विद्वान पंडितों द्वारा अस्थि विसर्जन, पिंडदान, तर्पण और दान की विधियां कराई जाएंगी। गंगा तट पर ये धार्मिक संस्कार बनारस के पंडितों द्वारा संपन्न कराए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम
प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सचिव सत्यनारायण पटेल, प्रयागराज के सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद रहेंगे। वार्ड प्रमुख रानू मलोरिया के साथ 10 कांग्रेसी कार्यकर्ता व्यवस्थाएं संभालने के लिए पहले ही प्रयागराज पहुंच चुके हैं।
कलश में अस्थियां भी कांग्रेस की तरफ से दी गई
राजनीति का छुपा हुआ चेहरा देखिए। अस्थि विसर्जन कार्यक्रम कांग्रेस की ओर से, प्रयागराज में ब्राह्मण की दक्षिण कांग्रेस की ओर से, प्रत्येक मृतक के लिए कलश कांग्रेस की ओर से, मृतक के परिजनों को 1-1 लाख रुपए कांग्रेस की ओर से। यहां तक तो सब ठीक था लेकिन गजब देखिए, कलश के अंदर जो अस्थियां रखी हुई है, वह भी कांग्रेस की ओर से दी गई।
जरा सोचिए, जब भागीरथपुरा में कांग्रेस ने 50 लाख खर्च कर दिए तो मध्य प्रदेश में...?
इस घटनाक्रम ने विचार करने पर मजबूर कर दिया है कि, जब इंदौर के भागीरथपुरा कांड को हेडलाइंस में बनाए रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 50 लाख रुपए खर्च कर दिए तो पूरे मध्य प्रदेश में कितना पैसा बहाया जा रहा होगा।

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