भोपाल, 25 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ा मामला सामने आया है। भोपाल जिला शहरी विकास अभिकरण के बैंक अकाउंट से 2.26 करोड़ रुपए के पांच चेक क्लियर किए गए। चेक पर भोपाल के कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के हस्ताक्षर हैं। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे का कहना है कि चेक पर कलेक्टर एवं उनके सिग्नेचर नहीं है। उन्होंने क्राइम ब्रांच में उन पांच फर्म संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया है जिनके अकाउंट में 2.26 करोड़ जमा हुए हैं।
₹2.26 Crore Fraud from Govt Account in Bhopal; Cheque Carried Collector’s Signature
शिकायत में डिप्टी कलेक्टर ने कहा कि डूडा कार्यालय के नाम से शाखा बैंक ऑफ इंडिया सैफिया कॉलेज भोपाल में खाता संचालित है। 17 मार्च 2026 को लीड बैंक मैनेजर भोपाल द्वारा अवगत कराया गया कि आपके खाते से अधिक राशि की निकासी की जा रही है। उनके द्वारा अवगत कराए जाने के पश्चात् मेरे द्वारा उन्हें अवगत कराया गया कि इस कार्यालय द्वारा कोई भी चैक जारी नहीं किए गए हैं। इस कारण उनके द्वारा मेरे कार्यालय में ही संबंधित बैंक मैनेजर को बुलाकर जानकारी ली गई। बैंक मैनेजर द्वारा जो दस्तावेज की छायाप्रतियां मुझे सोंपी गई हैं वह शिकायत के साथ संलग्न हैं। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे का कहना है कि, इन दस्तावेजों पर मेरे एवं कलेक्टर महोदय के हस्ताक्षर पूर्णतः कूटरचित व फर्जी हैं।
अब तक हुई जांच में पता चला है कि दिनांक 9 मार्च को सभी पांच चेक क्लियर हुए हैं। इससे पहले दिनांक 5 मार्च को कलेक्टर के लेटर हेड पर बैंक मैनेजर को एक आवेदन दिया गया था जिसमें संबंधित खाते के साथ ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर लिंक करवाया गया था। डिप्टी कलेक्टर का कहना है कि इस आवेदन पर जो सील और हस्ताक्षर उपयोग किए गए हैं वह भी कूटरचित है।
इन 5 फर्मों के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है
- एनएस इंटरप्राइजेज
- राजकुमार इंटरप्राइजेज
- ब्लेक आई
- दास इंटरप्राइजेज
- मनी इंटरप्राइजेज
क्राइम ब्रांच ने डिप्टी कलेक्टर के आवेदन पर उन सभी पांच व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिनके खाते में रकम क्रेडिट हुई है परंतु अभी मामले की जांच होना बाकी है। बहुत सारे सवाल हैं। जिनके जवाब इन्वेस्टिगेशन पूरे होने के बाद ही पता चलेगा।

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