NEEMUCH POLICE के भ्रष्टाचार का खुलासा करने हेड कांस्टेबल ने कंट्रोल रूम में सुसाइड किया

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 9 फरवरी 2026
: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में पुलिस डिपार्टमेंट के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए एक हेड कांस्टेबल ने कंट्रोल रूम में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में पूरे मामले का खुलासा किया है और उम्मीद जताई है कि उनके सुसाइड नोट में बताए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होगी। 

नीमच पुलिस में किस तरह का भ्रष्टाचार चल रहा है 

प्रधान आरक्षक श्री होशियार सिंह ने अपनी शिकायत/ ज्ञापन/ सुसाइड नोट में लिखा है
"नीमच पुलिस विभाग में भारी भ्रष्टाचार है। यहां बिना पैसे कोई काम नहीं होता। ड्यूटी, सीआर, लाइन व्यवस्था सब पैसे से चलती है। ईमानदार कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। अब नौकरी बोझ बन गई है। निष्पक्ष जांच कराई जाए।" 

डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी नहीं कर पाए। नीमच जिले में सब कुछ बिक रहा है। कोई सुनने को तैयार नहीं है। थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम, खेल सब पैसों में बिक रहे हैं। 

महोदय, अंतिम समय में कुछ भी नहीं साथ जा रहा है। RI नीमच को देखो... सब कुछ है लेकिन क्या करेगा पैसों का। प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसा लेकर ड्यूटी लगाता है। मौखिक रूप से कहने पर बोलता है कि में और RI, एसपी साहब के ससुर की टिकिट 10 हजार की बनवाते हैं। एसपी सर खेलने आते हैं। उनका खर्चा रोजाना प्रणव और अशोक उठाते हैं। 

जो लाइन में पैसे देगा, उनके प्रति सहानुभति होगी। प्रणव सर ने स्वयं किसी दूसरी औरत को रखकर एक बच्चा पैदा कर रखा है। शिकायत होने के बाद भी लाइन से नहीं हटाए गए। महोदय, अगर ऐसा ही है तो होशियार सिंह को आत्महत्या की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें।

व्हिसल ब्लोअर ने सुसाइड करके खुलासा किया

इस मामले में प्रधान आरक्षक श्री होशियार सिंह, व्हिसल ब्लोअर थे। सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जाता है। मीडिया को जानकारी दी जाती है। विपक्ष के नेताओं को बताया जाता है। ऐसा करने से व्हिसल ब्लोअर की सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ जाती है। लेकिन श्री होशियार सिंह ने ऐसा कोई भी पारंपरिक तरीका नहीं अपनाया। उन्होंने अपने डिपार्टमेंट में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए आत्मघाती कदम उठाया। 

एक ज्ञापन ड्राफ्ट किया जिसमें मामले का खुलासा किया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। फिर पुलिस कंट्रोल रूम में बैठकर जहर खा लिया ताकि मामले को दबाना या छुपाना असंभव हो जाए।
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