भोपाल समाचार, 4 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी स्कूलों में साइकिल स्टैंड और पार्किंग शेड के निर्माण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। कई सरकारी स्कूलों से 20 लाख से अधिक का भुगतान हो गया लेकिन ना तो साइकिल स्टैंड बना और ना ही पार्किंग शेड। एक जिले में औसत 5 करोड़ के आसपास का घोटाला है।
अधिकांश स्कूलों में सिर्फ रंगाई-पुताई दिखाई दी
श्री सुभाष कुमार पांडे ने बताया कि, मैहर जिले में जांच शुरू हो गई है, एसडीएम एस.पी. मिश्रा के नेतृत्व में बनी टीम ने कई स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया। टीम में संदीपनी विद्यालय मैहर के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी, तहसीलदार ललित धार्वे, बीईओ राजेश द्विवेदी, बीआरसीसी चंद्र प्रताप शुक्ला, सहायक लेखपाल विनय सिंह और पटवारी आनंद पांडेय शामिल थे। टीम ने पाया कि अधिकांश स्कूलों में सिर्फ रंगाई-पुताई दिखाई दी, जबकि पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड जैसे निर्माण कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला।
प्रत्येक स्कूल से औसत 22 लाख का पेमेंट हुआ है
जांच में सामने आया कि भोपाल की वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर, मैहर की श्री रुद्र इंटरप्राइजेज और सतना की श्री महाकाल ट्रेडर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। विभिन्न स्कूलों से 21 लाख से 24 लाख रुपये तक के बिलों का भुगतान दर्शाया गया है। कुल मिलाकर 17 स्कूलों में लगभग 3 करोड़ 72 लाख रुपये के बिल पास किए गए।
फर्जी हस्ताक्षरों की आशंका
कई प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने न तो कोई वर्क ऑर्डर जारी किया और न ही ऐसे किसी बिल को मंजूरी दी। इससे फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजी हेराफेरी की आशंका गहरा गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। रिपोर्ट में संबंधित फर्मों के साथ-साथ लगभग 14 प्राचार्यों की भूमिका की जांच की सिफारिश की गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही निलंबन, एफआईआर और वित्तीय वसूली जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, मामला संभागीय स्तर तक पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

.webp)