Madhya Pradesh, मुख्यमंत्री ने मंत्री के बेटे की शादी से लौट कर कहा, खर्चीली शादियों से बचें

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 13 फरवरी 2026
: मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर, खुद को सादगी और बचत का ब्रांड एंबेसडर बताते हैं लेकिन 12 फरवरी को उन्होंने अपने बेटे की ऐसी हाई प्रोफाइल शादी की है कि उनकी पूरी इमेज ही बदल गई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी कहा कि, लोगों को खर्चीली शादियों से बचना चाहिए। 

प्रद्युमन सिंह तोमर, सादगी और बचत का ब्रांड एंबेसडर 

वैसे बताने की बिलकुल जरुरत नहीं है लेकिन फिर भी रिवीजन करवा देते हैं। प्रद्युम्न सिंह तोमर जब से मंत्री बने हैं तब से खुद को सादगी और बचत का ब्रांड एंबेसडर घोषित करते रहते हैं। कभी पेट्रोल बचाने के लिए साइकिल चलाते हैं तो कभी बिजली बचाने के लिए खुले आसमान के नीचे टेंट लगाकर सो जाते हैं। इन सब कामों के लिए प्रद्युमन सिंह तोमर को काफी अच्छा मीडिया अटेंशन मिलता है। उन्होंने लगातार साबित किया कि वह कितने डाउन टू अर्थ है। उनके अंदर मंत्री होने का घमंड नहीं है। लेकिन जब उन्होंने अपने बेटे रिपुदमन सिंह तोमर (सागर) की शादी की, तो अपना ही बनाया हुआ नॉरेटिव तोड़ दिया। 

प्रद्युम्न सिंह के घर खर्चीली शादी और ग्वालियर डिस्टर्ब

प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ना केवल खर्चीली शादी की बल्कि पूरे ग्वालियर को डिस्टर्ब किया। 
1. शादी का वेन्यू ताज उषा किरण पैलेस था जो एक हेरिटेज फाइव स्टार होटल है। इसका एक कमरा 19 हजार रुपए और प्रेसिडेंशियल सूट 94000 का है। इसमें टोटल 40 कमरे हैं। यहां शादी का बुकिंग अमाउंट 50 लाख से अधिक होता है। मंत्री जी ने या तो शादी पर करोड़ों रुपए खर्च किया या फिर पद का दुरुपयोग किया। यह खर्चा उनकी सादगी वाली इमेज को ध्वस्त करता है। 
2. शादी में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई सारे VVIPs को बुलाया जिनके कारण 12 फरवरी को ग्वालियर का ट्रैफिक डिस्टर्ब हो गया। एक शादी के लिए फूल बाग गुरुद्वारा से नदी गेट तक रास्ते डायवर्ट किए गए। यह उनकी उस इमेज को ध्वस्त करता है जिसमें वह VIP कल्चर का विरोध करते हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रतिक्रिया 

पार्टी और सरकार की मर्यादा के चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इस शादी में शामिल तो हुए लेकिन लौट के बाद उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेटे-बेटियों का विवाह करने के लिए सामूहिक विवाह सबसे उत्तम माध्यम है। समाज में ख़र्चीले विवाहों का प्रचलन चिंतनीय है। मितव्ययिता जरूरी है। हमारा समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बदलते वक्त के साथ हमें अपनी सोच भी बदलने की जरूरत है। यहां उन्होंने उल्लेख किया कि, उन्होंने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह से की है।

हालांकि यह बयान उन्होंने बागेश्वर धाम में हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान दिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर का नाम भी नहीं लिया लेकिन राजनीति में जो नहीं कहा जाता है, उसको भी समझ लेना चाहिए। 
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