भोपाल समाचार, 13 फरवरी 2026: पुलिस कमिश्नर ने एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। डिपार्मेंटल इंक्वारी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की टीम चोरी के मामले में केस क्लोज करने के बाद चोर को पकड़ती थी। ऐसा क्यों किया जाता था, बताने की जरूरत नहीं है, आप भी समझ सकते हैं।
दिसंबर में केस क्लोज किया जनवरी में चोर को पकड़ लिया
मामला शाहपुरा पुलिस थाना का है। अगस्त 2025 में बड़ी चोरी की वारदात हुई थी। दिसंबर 2025 में पुलिस ने यह कहते हुए कैसे बंद कर दिया, कि चोर का पता नहीं लगा है और अब कोई उम्मीद भी नहीं है। इसके बाद 15 जनवरी को पुलिस ने 19 साल के चोर को पकड़ा और थाने के एक गुप्त कमरे में (जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं है), पूछताछ करने लगे। चोर को पता था कि पुलिस क्या कर रही है, इसलिए मौका पाकर वह थाने से फरार हो गया। पुलिस की हिरासत से एक चोर फरार हो गया तो मामला बाहर निकल आया। इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने सब इंस्पेक्टर जगन्नाथ परतेती और कांस्टेबल पुष्पेंद्र जाट को सस्पेंड कर दिया।
इंस्पेक्टर लोकेंद्र सिंह ठाकुर भी इंवॉल्व थे
डिपार्मेंटल इंक्वारी में पाया गया कि थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर लोकेंद्र सिंह ठाकुर भी इस मामले में शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी चतुराई के साथ कैसे को क्लोज किया और फिर चोर को पकड़ा। इन्वेस्टिगेशन में इंस्पेक्टर लोकेंद्र सिंह का इंटेंशन सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने उनको भी सस्पेंड कर दिया है।

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