इंदौर, 13 फरवरी 2026: वैलेंटाइन डे से पहले प्रेमियों का दिल दहला देने वाली खबर आ रही है। MBA सेकंड ईयर की एक स्टूडेंट ने अपने साथ पढ़ने वाली लड़की को प्यार के जाल में फंसाया। वीडियो बनाए। फिर लड़की को अपने रूम पर बुलाया। उसी के मोबाइल से उसके वीडियो वायरल किए और अंत में उसकी हत्या कर दी। डेड बॉडी पर एक भी कपड़ा नहीं था।
10 फरवरी की दर्दनाक तारीख
इंदौर के एक प्राइवेट कॉलेज में MBA सेकंड ईयर की छात्रा 10 फरवरी को अपने पिता के साथ, आधार कार्ड अपडेट करवाने के बहाने घर से निकली थी। बाद में उसने अपनी छोटी बहन को फोन करके बताया कि, वह अपने बॉयफ्रेंड पीयूष धामनोदिया की बर्थडे पार्टी के लिए उसके रूम पर जा रही है। रात में 11:00 बजे तक वापस तक वापस आएगी। लेकिन फिर वह वापस नहीं आई। इसी दिन रात के समय कॉलेज के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर छात्रा के मोबाइल फोन से एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें लड़की का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है जबकि बॉयफ्रेंड के चेहरे को इमोजी से छुपाया गया। सिर्फ इतना ही नहीं छात्रा की स्टेटस पर भी आपत्तिजनक वीडियो लगाए और जो लोग नियमित रूप से उसे फोन पर बात करते थे, उनको भी वीडियो भेजे।
11 फरवरी को क्या हुआ
कॉलेज मैनेजमेंट ने वीडियो हटाकर अगले दिन 11 फरवरी को युवती के पिता को बुलाया। बताया कि दोनों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। इसके बाद पिता रावजी बाजार थाने पहुंचे, जहां से उन्हें पंढरीनाथ थाने भेजा गया और देर रात गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज हुई। हमेशा की तरह पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्ज की परंतु कोई एक्शन नहीं लिया। ऐसे मामलों में पुलिस का अपना माइंडसेट होता है और कई बार यही माइंडसेट लड़की की दर्दनाक मौत का कारण बनता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। शिकायत में पियूष के बारे में जानकारी दी गई थी।
12 फरवरी को पुलिस का एक कांस्टेबल पियूष के रूम तक पहुंचा परंतु ताला लगा हुआ था। यह देखकर कांस्टेबल वापस आ गया।
13 फरवरी शुक्रवार को अंकल गली स्थित उसी कमरे से बदबू आने की शिकायत मिलने पर द्वारकापुरी पुलिस पहुंची। ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया, जहां युवती का शव मिला। सूचना मिलते FSL टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। जिस कमरे से शव मिला है, वह मंदसौर निवासी पीयूष धामनोदिया का है। जो उसने किराए से ले रखा है। दोनों सांवेर रोड स्थित एक संस्थान से एमबीए में सेकेंड सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे थे। घटना के बाद से ही पीयूष लापता है।
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के मुताबिक, पीयूष के पिता घनश्याम मंदसौर में किराना दुकान चलाते हैं। उसकी बहन की सगाई हो चुकी है। पीयूष पढ़ाई के सिलसिले में इंदौर में रह रहा था।
खबर का सबक
वैसे तो इस मामले में कॉलेज मैनेजमेंट से लेकर परिवार और पुलिस तक सब लापरवाह दिखाई दे रहे हैं।
जब 10 फरवरी को कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो आ गया था तो तत्काल इलेक्शन लेना चाहिए था। शायद लड़की की जान बच जाती।
जब 10 फरवरी की रात लड़की वापस नहीं आई तो पिता को चिंता करनी चाहिए थी। यदि उसी रात तलाश करते तो शायद लकड़ी बच जाती।
यदि पुलिस सक्रिय होती और पीयूष जैसे लोगों को यह पता होता कि लड़की के साथ ऐसा करने का क्या अंजाम होगा, तो शायद वह ऐसा नहीं करता।
लेकिन इस खबर का सबक है कि, किसी भी लड़के को अपना वैलेंटाइन बनाने से पहले लड़कियों को कई प्रकार से छानबीन करनी चाहिए, और जब तक विश्वास करने के लिए सभी सामाजिक चेक पॉइंट्स क्लियर ना हो जाए तब तक उसके साथ एकांत में नहीं जाना चाहिए। यदि बर्थडे पार्टी के नाम पर जाना भी पड़े तो अपना सिक्योरिटी बैकअप बनाना चाहिए।

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