भोपाल समाचार, 10 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग में अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ 30 कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए ट्रांसफर की मांग की है। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, इस विभाग की प्रमुख सचिव हैं। समस्या का समाधान ही उनकी जिम्मेदारी है लेकिन उन्होंने कर्मचारियों के ट्रांसफर की मांग को अनुशंसा सहित सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है।
MP SJaDW डिपार्टमेंट के कर्मचारियों की प्रॉब्लम क्या है
Social Justice and Disabled Welfare Department- MP Govt के कर्मचारियों का कहना है कि, विभाग में किसी भी प्रकरण पर स्पष्ट और लिखित मार्गदर्शन नहीं दिया जाता। काम मौखिक आदेशों और व्यक्तिगत मनमर्जी से कराया जाता है। मामूली देरी होने पर कर्मचारियों को केबिन में बुलाकर फाइल-दर-फाइल तीखे सवाल किए जाते हैं। इससे कामकाज प्रभावित होता है और देरी का पूरा ठीकरा कर्मचारियों के सिर फोड़ दिया जाता है।
शिकायत करने वाले करीब 30 कर्मचारी मंत्रालय स्तर पर कार्यरत हैं। आरोप है कि विभागीय देरी पर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस, वेतनवृद्धि रोकने जैसी चेतावनियां दी जाती हैं। 'ज्ञान न होने' जैसे तंज कसे जाते हैं। वहीं संचालनालय स्तर पर हुई देरी पर कोई कार्रवाई नहीं होती और अधिकारियों को 'विशेष कृपा' मिलती है।
कुल मिलाकर कर्मचारी अपनी सुविधा, वेतन वृद्धि या किसी लाभ के लिए नहीं बल्कि एक सिस्टम बनाने की डिमांड कर रहे थे।
डिपार्टमेंट ने क्या किया
इस मामले में प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगण कर्मचारियों के आवेदन को अनुशंसा के साथ सामान्य प्रशासन विभाग को आगे बढ़ा दिया गया है।

